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बदल गया EPFO का नियम, 15G और 15H की जगह आया 'Form 121', टैक्स बचाने के लिए अब करना होगा यह काम

नए वित्त वर्ष के नियमों के साथ ही EPFO ने इस नए फॉर्म को अपने पोर्टल पर अपडेट करना शुरू कर दिया है। पुराने फॉर्म 15G और 15H अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे। EPFO द्वारा फॉर्म 121 लाना पीएफ खाताधारकों के लिए एक राहत भरा कदम है।

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epfo contribution

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए टैक्स से जुड़े नियमों में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब तक पीएफ से पैसा निकालते समय टैक्स (TDS) बचाने के लिए ग्राहकों को फॉर्म 15G या 15H भरना पड़ता था। लेकिन नए टैक्स कानून के तहत, सरकार ने इन पुराने फॉर्मों को रिटायर कर दिया है और उनकी जगह एक नया 'फॉर्म 121' (Form 121) पेश किया है। यह बदलाव उन सभी सब्सक्राइबर्स के लिए महत्वपूर्ण है जो अपनी जमा पूंजी निकालने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि बिना इस फॉर्म के आपके पीएफ के पैसों पर भारी टैक्स कट सकता है।

क्यों हटाया गया फॉर्म 15G और 15H?

पुराने नियमों के अनुसार, फॉर्म 15G उन लोगों के लिए था जिनकी उम्र 60 साल से कम थी, और फॉर्म 15H वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए बनाया गया था। अक्सर सब्सक्राइबर्स को इन दो अलग-अलग फॉर्मों के बीच चुनाव करने में भ्रम (Confusion) होता था। इसी प्रक्रिया को सरल और 'यूनिफाइड' बनाने के लिए सरकार ने 'फॉर्म 121' को लॉन्च किया है। अब उम्र चाहे जो भी हो, टैक्स छूट का दावा करने के लिए केवल एक ही फॉर्म फॉर्म 121 पर्याप्त होगा। इससे न केवल कागजी कार्रवाई कम होगी, बल्कि डिजिटल क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी।

PF सब्सक्राइबर्स पर इसका क्या असर होगा?

अगर आपकी सर्विस 5 साल से कम है और आप 50,000 रुपये से ज्यादा की राशि निकाल रहे हैं, तो नियमों के मुताबिक उस पर TDS कटता है। पहले इस TDS को रोकने के लिए आप 15G/H जमा करते थे, अब वही काम फॉर्म 121 करेगा। नए नियम के तहत, पीएफ निकासी का आवेदन करते समय पोर्टल पर आपको फॉर्म 121 अपलोड करने का विकल्प मिलेगा। यदि आप यह फॉर्म जमा नहीं करते हैं, तो EPFO आपकी कुल राशि पर 10% से लेकर 30% तक टैक्स काट सकता है। इसलिए, निकासी से पहले इस नए फॉर्म की जानकारी होना अनिवार्य है।

टैक्स बचाने के लिए अब क्या करना होगा?

टैक्स बचाने की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। फॉर्म 121 को भरने के लिए सब्सक्राइबर्स को अपना पैन (PAN) कार्ड और आधार लिंक होना जरूरी है। फॉर्म भरते समय आपको अपनी सालाना आय की Self-declaration देनी होगी कि आपकी कुल आय टैक्स फ्री सीमा के भीतर है। यह फॉर्म भरने के बाद इसे ऑनलाइन ई-साइन (e-sign) करना होगा। अच्छी बात यह है कि नया फॉर्म 121 पहले के मुकाबले काफी छोटा और समझने में आसान बनाया गया है, जिससे तकनीकी जानकारी न रखने वाले लोग भी इसे आसानी से भर सकेंगे।

क्या यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू है?

जी हां, नए वित्त वर्ष के नियमों के साथ ही EPFO ने इस नए फॉर्म को अपने पोर्टल पर अपडेट करना शुरू कर दिया है। पुराने फॉर्म 15G और 15H अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जिन लोगों ने हाल ही में क्लेम डाला है या डालने वाले हैं, उन्हें पोर्टल पर 'फॉर्म 121' का ही चयन करना होगा। जानकारों का कहना है कि सरकार का यह कदम बैंकिंग और पेंशन सेवाओं को पूरी तरह 'पेपरलेस' बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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