Mutual Fund Investment: इस साल 2025 में Nifty 50 लगभग 2% गिरा है, जबकि Nifty Midcap 150 में 7% और Nifty Smallcap 250 में 9% की गिरावट आई है। इस तेज गिरावट के कारण मिड और स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड में निवेश को लेकर निवेशकों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या SIP को जारी रखना चाहिए या रोक देना चाहिए?
विशेषज्ञों की राय: धैर्य रखें और दीर्घकालिक नजरिया अपनाएं
मिड और स्मॉल कैप फंड हाई रिस्क वाले होते हैं, इसलिए उनमें केवल उन्हीं निवेशकों को निवेश करना चाहिए जिनका जोखिम उठाने का मनोबल अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फंड्स में कम से कम 7-8 साल का निवेश दृष्टिकोण रखना चाहिए। पोर्टफोलियो में इनकी हिस्सेदारी 30-40% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
इतिहास क्या कहता है?
2008 में मिड और स्मॉल कैप फंड्स 70% तक गिरे, लेकिन अगले साल उन्होंने 70% से ज्यादा की रिकवरी कर ली। पिछले तीन सालों में इस कैटेगरी ने 100% तक का एब्सोल्यूट रिटर्न दिया है। इस समय 20% की गिरावट दीर्घकालिक निवेशकों के लिए चिंता की बात नहीं होनी चाहिए।
निवेशकों के लिए सावधानी
नए निवेशक अभी निवेश शुरू करने से पहले मिड और स्मॉल कैप के उच्च मूल्यांकन पर विचार करें। अगर लंबी अवधि (10 साल या उससे ज्यादा) के लिए निवेश कर रहे हैं और पोर्टफोलियो का 20-25% हिस्सा इन फंड्स में है, तो SIP जारी रख सकते हैं।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
