अक्सर अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर हमारे मन में यह सवाल आता है कि क्या हम एक पर्सनल लोन के चलते दूसरा लोन ले सकते हैं? इसका सीधा जवाब है हां, आप एक साथ दो या दो से अधिक पर्सनल लोन ले सकते हैं। भारतीय बैंकिंग नियमों या आरबीआई (RBI) की तरफ से ऐसी कोई कानूनी पाबंदी नहीं है कि एक व्यक्ति एक समय में एक ही लोन रख सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह से बैंक या एनबीएफसी (NBFC) पर निर्भर करता है कि वे आपको दूसरा लोन देना चाहते हैं या नहीं। बैंक आपकी कमाई और कर्ज चुकाने की क्षमता को देखकर ही यह फैसला लेते हैं।
बैंक किन शर्तों पर देते हैं दूसरा लोन?
जब आप दूसरे पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक सबसे पहले आपकी 'कर्ज चुकाने की क्षमता' (Debt-to-Income Ratio) चेक करता है। बैंक का एक अनकहा नियम है कि आपकी सभी ईएमआई (EMI) मिलाकर आपकी महीने की इन-हैंड सैलरी के 40% से 50% से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर आपके पहले लोन की ईएमआई पहले ही आपकी आधी सैलरी खा रही है, तो बैंक दूसरा लोन देने से मना कर सकता है। इसके अलावा, आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) कम से कम 750 या उससे अधिक होना चाहिए। अगर आपने पिछले लोन की किस्तें समय पर नहीं भरी हैं, तो दूसरे लोन की उम्मीद कम हो जाती है।
एक ही बैंक से लें या दूसरे से?
आप चाहें तो अपने मौजूदा बैंक से ही दूसरा लोन (जिसे अक्सर 'टॉप-अप लोन' भी कहा जाता है) मांग सकते हैं, या फिर किसी नए बैंक में आवेदन कर सकते हैं। अपने पुराने बैंक से लोन लेना आसान हो सकता है क्योंकि उनके पास आपका रिकॉर्ड पहले से होता है। लेकिन ध्यान रहे, हर बार जब आप नए लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करता है। बहुत कम समय में कई बैंकों में लोन के लिए अप्लाई करने से आपके क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर पड़ता है, जिसे 'हार्ड इंक्वायरी' कहा जाता है।
दो पर्सनल लोन लेने के फायदे और नुकसान
दो लोन लेने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको तुरंत बड़ी रकम मिल जाती है, जिससे आप अपनी मेडिकल इमरजेंसी या शादी जैसे बड़े खर्च निपटा सकते हैं। लेकिन इसके नुकसान भी कम नहीं हैं। दो ईएमआई का बोझ आपके मासिक बजट को बिगाड़ सकता है। पर्सनल लोन की ब्याज दरें पहले से ही काफी ऊंची होती हैं, और दो लोन का मतलब है कि आप अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ ब्याज चुकाने में खर्च कर रहे हैं। अगर किसी कारण आप एक भी किस्त नहीं चुका पाते, तो आपका सिबिल स्कोर तेजी से गिरता है, जिससे भविष्य में होम लोन या कार लोन मिलना मुश्किल हो जाता है।
दूसरा लोन लेने से पहले सावधानियां
अगर आप दूसरा लोन लेने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले अपने मौजूदा खर्चों का हिसाब लगाएं। देखें कि क्या दो किस्तों के बाद भी आपके पास महीने के जरूरी खर्चों के लिए पर्याप्त पैसे बचेंगे? विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर जरूरत बहुत ज्यादा न हो, तो दूसरे लोन के बजाय 'लोन कंसोलिडेशन' का विकल्प चुनना चाहिए। इसमें आप एक बड़ा लोन लेकर पुराने छोटे लोन्स को बंद कर देते हैं, जिससे आपको केवल एक ही ईएमआई चुकानी पड़ती है और ब्याज भी कम हो सकता है।
