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क्या एक से ज्यादा बार क्लेम की जा सकती है कैपिटल गेन्स टैक्स में छूट?

प्रॉपर्टी या सोना बेचने पर होने वाले मुनाफे पर भारी कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है। लेकिन क्या आप एक से ज्यादा बार कैपिटल गेन पर टैक्स छूट ले सकते हैं? आइए बताते हैं क्या हैं इसके लिए नियम?

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Capital Gain Tax

जब भी हम अपनी कोई प्रॉपर्टी जैसे मकान, प्लॉट, सोना (Gold) या शेयर्स बेचते हैं, तो उस पर होने वाले मुनाफे को 'कैपिटल गेन्स' (Capital Gains) कहा जाता है। इस मुनाफे पर सरकार को एक मोटा टैक्स देना पड़ता है, जिसे कैपिटल गेन्स टैक्स कहते हैं। हालांकि, इनकम टैक्स विभाग हमें इस टैक्स को बचाने के लिए कुछ खास नियम और छूट भी देता है, जैसे कि धारा 54 (Section 54) और धारा 54F (Section 54F)। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह बड़ा सवाल रहता है कि क्या इस टैक्स छूट का फायदा जीवन में केवल एक ही बार उठाया जा सकता है, या फिर इसे एक से ज्यादा बार भी क्लेम किया जा सकता है? अगर आप भी एक से ज्यादा प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके बहुत काम का है।

क्या एक से ज्यादा बार मिल सकती है टैक्स में छूट?

अगर हम सीधे और आसान शब्दों में कहें, तो हां, आप कैपिटल गेन्स टैक्स में छूट का फायदा एक से ज्यादा बार (Multiple Times) उठा सकते हैं। आयकर कानून में ऐसा कोई नियम नहीं है जो यह कहता हो कि आप जीवन में सिर्फ एक ही बार यह टैक्स छूट ले सकते हैं। आप जितनी बार अपनी प्रॉपर्टी बेचकर नया घर खरीदेंगे, उतनी बार आप नियमों और शर्तों के दायरे में रहकर इस छूट का दावा कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको इनकम टैक्स एक्ट की दो सबसे महत्वपूर्ण धाराओं सेक्शन 54 और सेक्शन 54F के कड़े नियमों को समझना होगा।

सेक्शन 54 और 54F के बीच का अंतर समझना है जरूरी कई बार लोग इन दोनों धाराओं के बीच कंफ्यूज हो जाते हैं, जबकि दोनों के नियम थोड़े अलग हैं:

सेक्शन 54 (Section 54): यह छूट तब मिलती है जब आप कोई रहने वाला मकान (Residential House) बेचते हैं और उस मुनाफे से दूसरा रहने का मकान खरीदते हैं। इसमें सरकार आपको एक खास मौका भी देती है। अगर आपका लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन ₹2 करोड़ से कम है, तो आप जिंदगी में एक बार उस मुनाफे से एक के बजाय दो नए घर खरीदकर भी पूरी टैक्स छूट पा सकते हैं। लेकिन यह 'एक बार में दो घर' वाला मौका जीवन में सिर्फ एक ही बार मिलता है। इसके बाद आप जब भी मकान बेचेंगे, तो छूट के लिए केवल एक ही नया घर खरीद सकेंगे।

सेक्शन 54F (Section 54F): यह छूट तब लागू होती है जब आप घर के अलावा कोई अन्य प्रॉपर्टी (जैसे प्लॉट, सोना, कमर्शियल शॉप या शेयर्स) बेचते हैं और उस पैसे से एक नया रहने का मकान खरीदते हैं। इस सेक्शन के तहत आप जितनी बार चाहें (मल्टीपल टाइम्स) टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं, लेकिन इसकी शर्तें बहुत सख्त हैं।

सेक्शन 54F के तहत मल्टीपल क्लेम करने की सख्त शर्तें

जिस दिन आप पुरानी प्रॉपर्टी बेचकर नई टैक्स छूट क्लेम कर रहे हैं, उस तारीख को आपके नाम पर पहले से एक से ज्यादा रहने का मकान (Residential House) नहीं होना चाहिए। यानी आपके पास पहले से अधिकतम एक ही घर हो सकता है। अगर आपके नाम पर ऑलरेडी दो या तीन मकान हैं, तो आप सेक्शन 54F का फायदा नहीं उठा पाएंगे।

इसके अलावा, नई टैक्स छूट क्लेम करने के बाद आप अगले 1 साल के भीतर कोई दूसरा नया घर नहीं खरीद सकते और न ही अगले 3 साल के भीतर कोई नया घर बनवा सकते हैं। अगर आप ऐसा करते हैं, तो जो टैक्स छूट आपको मिली थी, वह कैंसिल हो जाएगी और आपको उस पर दोबारा टैक्स देना पड़ेगा।

समय सीमा का रखें ध्यान

कैपिटल गेन्स टैक्स से बचने के लिए केवल नया घर खरीदना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही समय पर खरीदना जरूरी है। नियम के मुताबिक, पुरानी प्रॉपर्टी बेचने की तारीख से 1 साल पहले या 2 साल बाद के भीतर आपको नया घर खरीद लेना चाहिए। अगर आप घर खुद बनवा रहे हैं, तो पुरानी प्रॉपर्टी बेचने के 3 साल के भीतर कंस्ट्रक्शन पूरा हो जाना चाहिए। यदि आप तय समय में पैसा इन्वेस्ट नहीं कर पाते हैं, तो आपको वह रकम बजट से पहले 'कैपिटल गेन्स अकाउंट स्कीम' (CGAS) में जमा करानी होगी।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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