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क्या बैंक अकाउंट में दोस्त को बना सकते हैं नॉमिनी?

बैंक खाते में नॉमिनी बनाते समय ज्यादातर लोग परिवार के सदस्यों का नाम चुनते हैं। लेकिन क्या आप अपने दोस्त को भी नॉमिनी बना सकते हैं? जानिए बैंकिंग के नियम, नॉमिनी के अधिकार और खाता धारक की मृत्यु के बाद पैसे मिलने की प्रक्रिया।

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क्या बैंक अकाउंट में दोस्त को बना सकते हैं नॉमिनी?

अगर आप सोच रहे हैं कि बैंक खाते में दोस्त को नॉमिनी बनाया जा सकता है या नहीं, तो इसका जवाब है हां। भारत में बैंक खाते के नॉमिनेशन के लिए नॉमिनी का परिवार का सदस्य होना जरूरी नहीं है। आप अपने दोस्त या किसी अन्य व्यक्ति को भी नॉमिनी बना सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, बैंक खाते में नॉमिनी के तौर पर किसी व्यक्ति का नाम दर्ज किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि नॉमिनी एक व्यक्ति हो और बैंक के निर्धारित नियमों के अनुसार उसका विवरण दिया जाए। हालांकि, अलग-अलग बैंक अपनी प्रक्रिया के तहत पहचान और अन्य जरूरी जानकारी मांग सकते हैं।

नॉमिनी बनाने का क्या होता है फायदा?

बैंक खाते में नॉमिनी दर्ज कराने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि खाताधारक की मृत्यु होने पर खाते में जमा रकम का दावा करने की प्रक्रिया आसान हो सकती है। अगर खाताधारक ने किसी व्यक्ति को वैध नॉमिनी बनाया है, तो बैंक जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसके जरिए रकम का भुगतान कर सकता है। इससे परिवार या संबंधित लोगों को पैसे हासिल करने के लिए लंबी बैंकिंग प्रक्रिया से बचने में मदद मिल सकती है। इसलिए सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट और दूसरे पात्र जमा खातों में नॉमिनी की जानकारी दर्ज रखना उपयोगी होता है।

क्या नॉमिनी ही पैसे का असली मालिक होता है?

यह समझना बहुत जरूरी है कि नॉमिनी बनने का मतलब हमेशा खाते में जमा रकम का अंतिम कानूनी मालिक बन जाना नहीं है। बैंक नॉमिनी को रकम सौंप सकता है, लेकिन उस पैसे पर कानूनी उत्तराधिकारियों के अधिकार अलग सवाल हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपने अपने दोस्त को नॉमिनी बनाया है, तो आपकी मृत्यु के बाद बैंक उसे रकम दे सकता है, लेकिन उत्तराधिकार कानून और परिस्थितियों के अनुसार अन्य कानूनी वारिसों के दावे भी हो सकते हैं। इसलिए नॉमिनी और कानूनी वारिस के बीच का अंतर समझना जरूरी है।

बैंक खाते में नॉमिनी कैसे बनाएं?

नॉमिनी जोड़ने के लिए आप अपने बैंक की शाखा में जाकर निर्धारित फॉर्म भर सकते हैं। कई बैंक मोबाइल बैंकिंग या नेट बैंकिंग के जरिए भी नॉमिनी जोड़ने या बदलने की सुविधा देते हैं। फॉर्म में नॉमिनी का नाम, उम्र, पता और मांगी गई दूसरी जानकारी भरनी होती है। नॉमिनेशन दर्ज होने के बाद बैंक से इसकी पुष्टि जरूर लें। अगर पहले से नॉमिनी दर्ज है, तो बैंक की प्रक्रिया के अनुसार उसका नाम बदला या नॉमिनेशन रद्द भी किया जा सकता है।

नॉमिनी चुनते समय किन बातों का रखें ध्यान?

नॉमिनी ऐसा व्यक्ति चुनें जिस पर आपको भरोसा हो और जिसकी जानकारी सही हो। समय-समय पर अपने बैंक खाते में दर्ज नॉमिनी की जानकारी जांचते रहें, खासकर शादी या परिवार में बड़े बदलाव के बाद। ध्यान रखें कि 1 नवंबर 2025 से लागू नए बैंकिंग नियमों के तहत जमा खातों में एक साथ या क्रमवार अधिकतम चार नॉमिनी रखने का विकल्प भी दिया गया है। कौन-सा विकल्प आपके खाते पर लागू होता है, इसकी पुष्टि बैंक से कर लें।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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