BSE Market Cap Record High : भारतीय शेयर बाजार ने एक नया इतिहास रच दिया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप पहली बार ₹500 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। गुरुवार को यह बढ़कर करीब ₹502 लाख करोड़ (5.31 ट्रिलियन डॉलर) हो गया। बाजार में लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी और नई कंपनियों की शेयर बाजार में एंट्री ने इस रिकॉर्ड को बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
खास बात यह है कि बाजार की कुल वैल्यू ने नया रिकॉर्ड बना दिया है, लेकिन Sensex और कई दूसरे प्रमुख इंडेक्स अभी अपने ऑल टाइम हाई से नीचे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब बाजार के प्रमुख इंडेक्स अपने रिकॉर्ड स्तर पर नहीं पहुंचे हैं, तब कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹500 लाख करोड़ के पार कैसे पहुंच गया?
₹100 लाख करोड़ से ₹500 लाख करोड़ तक का सफर
भारतीय शेयर बाजार के इस सफर की शुरुआत करीब 12 साल पहले हुई थी। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पहली बार 12 मार्च 2014 को ₹100 लाख करोड़ के पार पहुंचा था। इसके बाद 4 फरवरी 2021 को इसने ₹200 लाख करोड़ का आंकड़ा छुआ। 6 जुलाई, 2023 को कुल मार्केट कैप ₹300 लाख करोड़ और 8 अप्रैल 2024 को ₹400 लाख करोड़ पहुंच गया था। अब ₹400 लाख करोड़ से ₹500 लाख करोड़ तक पहुंचने में बाजार को 622 कारोबारी सत्र लगे हैं। इससे पहले ₹100 लाख करोड़ से ₹200 लाख करोड़ तक पहुंचने में 1,494 कारोबारी सत्र लगे थे। वहीं ₹200 लाख करोड़ से ₹300 लाख करोड़ तक का सफर 586 सत्रों और ₹300 लाख करोड़ से ₹400 लाख करोड़ तक पहुंचने में 181 सत्र लगे थे।
Sensex और दूसरे इंडेक्स अभी भी रिकॉर्ड से नीचे
इस रिकॉर्ड की सबसे दिलचस्प बात यह है कि कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू तो नई ऊंचाई पर पहुंच गई है, लेकिन बाजार के कई प्रमुख इंडेक्स अभी अपने ऑल टाइम हाई से नीचे कारोबार कर रहे हैं। Sensex अभी अपने 85,836 के रिकॉर्ड स्तर से करीब 7.6% नीचे है। यह रिकॉर्ड 26 सितंबर 2024 को बना था। इसी तरह BSE MidCap 150 अपने 17,373 के रिकॉर्ड से 5.3% नीचे है। इस इंडेक्स ने 26 अगस्त 2026 को यह ऊंचाई हासिल की थी। BSE SmallCap 250 अपने 7,514 के रिकॉर्ड से 8.4% नीचे है, जबकि BSE MicroCap 250 अपने 19,988 के रिकॉर्ड स्तर से करीब 7% नीचे कारोबार कर रहा है। इसका मतलब है कि बाजार की कुल वैल्यू बढ़ने के बावजूद सभी श्रेणियों के शेयरों में एक जैसी तेजी नहीं आई है।
IPO की बाढ़ ने भी बढ़ाया बाजार का आकार
BSE के कुल मार्केट कैप में बढ़ोतरी के पीछे नए IPO की बड़ी भूमिका रही है। पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में कंपनियों ने शेयर बाजार में दस्तक दी है। साल 2024 में 94 कंपनियों ने मेनबोर्ड पर लिस्टिंग कराई और इनके लिस्टिंग वाले दिन मार्केट कैप में करीब ₹12 लाख करोड़ का इजाफा हुआ। साल 2025 में 115 कंपनियां लिस्ट हुईं, जिनसे करीब ₹14 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई। वहीं, 2026 में अब तक 107 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट हो चुकी हैं। इनके लिस्टिंग वाले दिन मार्केट कैप में ₹25 लाख करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
बाजार में तेजी की बड़ी वजहें
पिछले तीन कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों में 19% से ज्यादा की गिरावट आई है। भारतीय बाजार से बिकवाली का दबाव हटाने के पीछे यह सबसे बड़ी वजह है। इसके अलावा दूसरी बड़ी विदेशी निवेशकों की खरीददारी है। पिछले 15 दिन के भीतर विदेशी निवेशकों ने 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की नेट खरीदारी की है। वहीं, निवेशकों को बाजार में कंपनियों के तिमाही नतीजों ने भरोसा दिया है। इसकी वजह से भी खरीदारी का ट्रेंड चल रहा है।
