अगर किसी व्यक्ति के बैंक खाते में चार नॉमिनी हैं और खाताधारक की मौत हो जाती है, तो खाते में जमा पैसे के लिए परिवार को परेशान न होना पड़े, इसके लिए बैंकिंग नियमों में बदलाव किया गया है। 1 नवंबर 2025 से लागू प्रावधानों के तहत बैंक खाते में अधिकतम चार लोगों को नॉमिनी बनाया जा सकता है। खाताधारक यह भी तय कर सकता है कि इन लोगों में से किसे कितने प्रतिशत रकम मिलनी चाहिए। इसकी जानकारी भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने दी थी। आइए आपको बताते हैं नॉमिनी के नियम क्या हैं?
चार नॉमिनी के बीच कैसे बंटेगा पैसा?
नए नियमों के अनुसार, खाताधारक एक साथ चार लोगों को नॉमिनी बनाकर उनके हिस्से तय कर सकता है। उदाहरण के लिए, अगर खाते में 4 लाख रुपये जमा हैं और खाताधारक ने चारों नॉमिनी के लिए 25-25 प्रतिशत हिस्सा तय किया है, तो हर नॉमिनी के हिस्से में 1 लाख रुपये आएंगे। अगर खाताधारक ने पहले दो लोगों के लिए 30-30 प्रतिशत और बाकी दो के लिए 20-20 प्रतिशत हिस्सा तय किया है, तो उसी अनुपात के आधार पर रकम का भुगतान किया जाएगा। सभी हिस्सों का कुल योग 100 प्रतिशत होना जरूरी है।
नॉमिनी चुनने के दो तरीके हैं
बैंक खाते में नॉमिनी बनाने के दो विकल्प हैं। पहला, एक साथ कई नॉमिनी बनाना, जिसमें खाताधारक सभी के हिस्से तय कर सकता है। दूसरा, क्रमवार नॉमिनी बनाना। इसमें पहले नॉमिनी के उपलब्ध न होने या उसकी मृत्यु होने पर अगला नॉमिनी प्रभावी होता है। इस विकल्प में नॉमिनी एक के बाद एक तय क्रम से लागू होते हैं, इसलिए यह जरूरी नहीं कि चारों को एक साथ पैसा मिले।
क्या नॉमिनी ही पैसे का असली मालिक होता है?
यह बात समझना जरूरी है कि बैंक में नॉमिनी दर्ज होने से वह हर स्थिति में खाते में जमा रकम का अंतिम कानूनी मालिक नहीं बन जाता। नॉमिनी आम तौर पर बैंक से रकम प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान बनाता है, लेकिन रकम पर अंतिम अधिकार वसीयत और लागू उत्तराधिकार कानून के आधार पर तय हो सकता है। इसलिए खाताधारक को नॉमिनी के साथ अपनी वसीयत और अन्य जरूरी दस्तावेजों की भी सही व्यवस्था रखनी चाहिए।
