Truck Driving Hours:'रोड एक्सीडेंट' में कमी लाने को गडकरी का सुझाव- ट्रक चालकों के गाड़ी चलाने के घंटे हों तय 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 21, 2021, 10:06 PM IST

Road Accident in India: भारत में सड़क दुर्घटनाओं के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं, इसके पीछे की एक अहम वजह ट्रक या बड़ी गाड़ियों के ड्राइवरों के जरूरत से ज्यादा वर्किंग ऑवर भी माना जाता है।

Truck Driving Hours:'रोड एक्सीडेंट' में कमी लाने को गडकरी का सुझाव- ट्रक चालकों के गाड़ी चलाने के घंटे हों तय 

नयी दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विमान पायलटों की तरह व्यावसायिक ट्रक चालकों के लिए गाड़ी चलाने का समय तय किये जाने की वकालत की है। इसके अलावा उन्होंने वाणिज्यिक वाहनों में चालक को नींद आने का पता लगाने वाले सेंसर लगाने पर भी जोर दिया।

गडकरी ने ट्वीट कर कहा कि पायलटों की तरह ट्रक चालकों के लिए भी ड्राइविंग के घंटे निश्चित होने चाहिए। इससे थकान की वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'मैंने अधिकारियों से यूरोपीय मानकों के अनुरूप वाणिज्यिक वाहनों में वाहन चलाते समय नींद आने का पता लगाने वाले सेंसर को लेकर नीति पर काम करने को कहा है।'

उन्होंने कहा कि वह जिला सड़क समितियों की नियमित बैठक बुलाने के लिए मुख्यमंत्रियों और जिला कलेक्टरों को पत्र लिखेंगे। इससे पहले मंगलवार को गडकरी राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद (एनआरएससी) में नामित नए सदस्यों के साथ परिचय बैठक में शामिल हुए। मंत्री ने बताया कि उन्होंने परिषद की बैठक हर दो माह में आयोजित करने का निर्देश दिया है।

सड़क सुरक्षा के विविध क्षेत्र में काम करने का सुझाव दिया

बैठक के दौरान सदस्यों ने सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। गडकरी ने सभी सदस्यों से सड़क सुरक्षा के विविध क्षेत्र में काम करने का सुझाव दिया, जिससे सड़कों पर अधिक से अधिक लोगों का जीवन बचाया जा सके।उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों से एनआरएससी के सदस्यों के साथ नजदीकी संयोजन में काम करने और उनकी सिफारिशों को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित करने को कहा। इस बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वी के सिंह तथा मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

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