Financial Planning Tips : चार परिस्थितियों में इस्तेमाल करें अपना इमरजेंसी फंड

Financial Planning Tips : कोरोना-वायरस महामारी के कारण फंड की जरूरत शायद पहले से अधिक हो। ऐसे सयम में अपने इमरजेंसी फंड को बढ़ाने की कोशिश करें।

Financial Planning Tips : Use Your Emergency Fund In Four Circumstances
इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल संभल कर करें 

मुख्य बातें

  • मेडिकल इमरजेंसी में आपके फाइनेंस को काफी नुकसान पहुंच सकता है
  • उधार को ठीक से मैनेज न करने पर आपका फाइनेंसियल हेल्थ बिगड़ सकता है
  • ऐसी परिस्थितियों से भी बचने की कोशिश करनी चाहिए जहां आपको अपने इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल करना पड़ सकता हो, आप यहां जान सकते हैं कि इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल कैसे करें

Financial Planning Tips : एक पर्याप्त इमरजेंसी फंड रखना सबसे महत्वपूर्ण फाइनेंसियल लक्ष्यों में से एक है। यह पैसे की कमी से निपटने और पैसे उधार लेने की सम्भावना को कम करने में मदद करता है जिस उधार को ठीक से मैनेज न करने पर आपका फाइनेंसियल हेल्थ और बिगड़ सकता है। कोरोना-वायरस वैश्विक-महामारी के कारण उत्पन्न अनिश्चितता के दौरान, इस फंड की जरूरत शायद पहले से अधिक है। इस समय, अपने इमरजेंसी फंड को बढ़ाने की कोशिश करें यदि वह आपके तीन महीने के खर्च से कम है। इसके अलावा, आपको ऐसी परिस्थितियों से भी बचने की कोशिश करनी चाहिए जहां आपको अपने इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल करना पड़ सकता हो। ये परिस्थितियां निम्नलिखित हैं:-

जब कमाई कम हो गई हो

यदि आपकी नौकरी चली गई है या आमदनी कम हो गई है तो फिर से इनकम शुरू होने तक कुछ समय के लिए इमरजेंसी फंड के सहारे काम चलाया जा सकता है। फंड के आकार के आधार पर, यह आपके लिए एक इनकम रिप्लेसमेंट बन सकता है और दोस्तों या परिवार से मदद या लोन लेने, या नुकसान में अपना इन्वेस्टमेंट तोड़ने या अपनी बेशकीमती घरेलू चीजें बेचने से बचा सकता है। इसके अलावा, यह आमदनी कम होने पर होम लोन या कार लोन EMI, किराया, यूटिलिटी, इंश्योरेंस प्रीमियम, बच्चों की पढ़ाई का खर्च और क्रेडिट कार्ड पेमेंट्स जैसे जरूरी फाइनेंसियल कमिटमेंट्स को प्रभावित होने से भी बचा सकता है।

अप्रत्याशित खर्च से सामना होने पर

यहाँ तक कि अच्छी तरह फाइनेंसियल प्लानिंग करने वालों को भी कभी-कभार किसी अनजाने लेकिन जरूरी खर्च का सामना करना पड़ सकता है। जैसे, तुरंत घर की मरम्मत, किसी रिश्तेदार के लिए शादी का गिफ्ट या बिना सोचे-समझे कोई बड़ी खरीदारी जैसे एक नया लैपटॉप या पॉवर बैकअप सिस्टम खरीदना ताकि आपके काम पर असर न पड़े। ऐसी परिस्थिति में रेगुलर सेविंग की गैर-मौजूदगी में, फाइनेंसिंग ऑप्शंस ढूँढने की जगह इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल करना ज्यादा आसान होता है।

फैमिली इमरजेंसी आने पर

फैमिली इमरजेंसी जैसे किसी प्रियजन की दुर्भाग्यवश मौत से जुड़े खर्च को संभालना बहुत कठिन हो सकता है। उनसे जुड़ा भावनात्मक संकट, व्यावहारिक सोच पर पर्दा डाल सकता है जिससे हम आगे चलकर महँगी साबित हो सकने वाली फाइनेंसियल गलतियां कर सकते हैं। लेकिन, यदि आपके पास इमरजेंसी फंड है तो आप पैसे की चिंता करने की जगह ऐसी दुखद घटना के कारण आपके और आपके फैमिली मेम्बर्स की मानसिक तकलीफ को कम करने पर पूरा ध्यान दे सकते हैं।

मेडिकल इमरजेंसी आने पर

बढ़ते हेल्थ रिस्क वाले ऐसे समय में, हॉस्पिटलाइजेशन वाली सीरियस मेडिकल इमरजेंसी में आपके फाइनेंस को काफी नुकसान पहुंच सकता है यदि आप उनके लिए तैयार नहीं है। ऐसी परिस्थिति में, आपका इमरजेंसी फंड आपकी मदद कर सकता है और आपकी बेशकीमती सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट को खर्च होने या लोन लेने से बचा सकता है वर्ना आपके फाइनेंसियल लक्ष्यों को पूरा होने में और कई साल की देरी हो सकती है। लेकिन, अपने इमरजेंसी फंड के अलावा खुद को और अपने डिपेंडेंट्स को ठीक से कवर करने वाला मेडिकल इंश्योरेंस लेना भी जरूरी है क्योंकि मेडिकल इमरजेंसी के लिए इमरजेंसी फंड के भरोसे रहना बहुत रिस्की हो सकता है।

इमरजेंसी फंड से जुड़ी कुछ जरूरी बातें

  1. इसे समझदारी से तैयार करें:- आपको एक पर्याप्त इमरजेंसी फंड तैयार करने के लिए अनुशासित तरीके से पैसे आवंटित करने चाहिए। जबरन और लगातार सेविंग्स करने के लिए और अनुचित इन्वेस्टमेंट रिस्क लिए बिना एक्स्ट्रा इंटरेस्ट कमाने के लिए एक रेकरिंग डिपोजिट या एक फिक्स्ड डिपोजिट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  2. अपनी सेविंग्स को अलग रखें:- आपका इमरजेंसी फंड, आपकी रेगुलर सेविंग्स से अलग होना चाहिए। इस फंड का इस्तेमाल सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही करना चाहिए, न कि किसी मनमौजी खर्च के लिए। आप उसे एक लिक्विड और एक्सेसिबल इंस्ट्रूमेंट जैसे एक फिक्स्ड डिपोजिट में भी रख सकते हैं। आप चाहे तो एक अलग कोविड-19 फंड भी तैयार कर सकते हैं।
  3. अपनी जरूरतों का मूल्यांकन करें:- आप अपने इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल जिस काम के लिए करने जा रहे हैं उसकी गंभीरता का पता लगाना जरूरी है। कम महत्वपूर्ण जरूरतों के लिए, रेगुलर सेविंग्स का इस्तेमाल करें या किसी दूसरे तरीके से पैसों का इंतजाम करें।
  4. इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल करते समय कंजूसी करें:- इस फंड का इस्तेमाल करते समय हमेशा पैसे बचाने की कोशिश करें। याद रखें, आपके फाइनेंस के स्टेबिलाइज होने तक यही आपका आखिरी सहारा होगा, जिसे स्टेबिलाइज होने में उम्मीद से ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए, जरूरत पड़ने पर अपने इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल करते समय भी कंजूसी करें।
  5. जल्द-से-जल्द इस फंड की पुनः पूर्ति करें:- इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल करने के बाद आप उसके बिना ज्यादा लम्बे समय तक रहने का खतरा मोल नहीं ले सकते। इसलिए इनकम शुरू होते ही अपनी सेविंग्स को बढ़ाकर या स्मार्ट इन्वेस्टमेंट्स करके इस फंड की पुनःपूर्ति करने की कोशिश करें।

इस लेख के लेखक, BankBazaar.com के CEO आदिल शेट्टी हैं)
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर दी जा रही है। बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं, इसलिए निवेश के पहले अपने स्तर पर सलाह लें।) ( ये लेख सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसको निवेश से जुड़ी, वित्तीय या दूसरी सलाह न माना जाए)

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