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Air India-Vistara Merger:एयर इंडिया और विस्तारा के 7000 कर्मचारियों पर फैसला अगले महीने, विलय से 23500 पर असर

Air India-Vistara Merger: एयर इंडिया और विस्तारा में कुल मिलाकर 23,500 से अधिक कर्मचारी हैं। विस्तारा और एयर इंडिया के बीच करीब 120 पायलट पहले से ही प्रतिनियुक्ति पर हैं और प्रतिनियुक्ति के माध्यम से दोनों एयरलाइंस के बीच कर्मचारियों की आवाजाही जारी रहेगी।

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एयर इंडिया-विस्तारा विलय

Air India-Vistara Merger:टाटा समूह की दो एयरलाइन कंपनियों एयर इंडिया और विस्तारा की विलय प्रक्रिया के तहत उनके 7,000 से अधिक कर्मचारियों का मूल्यांकन कर लिया गया है और उनकी भूमिकाओं का निर्धारण जून में पूरा हो जाएगा। इस मसले को लेकर एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने विस्तारा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनोद कन्नन के साथ प्रस्तावित विलय के बारे में दोनों एयरलाइंस के कर्मचारियों के साथ करीब डेढ़ घंटे लंबी चर्चा की। एयर इंडिया और विस्तारा में कुल मिलाकर 23,500 से अधिक कर्मचारी हैं। विस्तारा और एयर इंडिया के बीच करीब 120 पायलट पहले से ही प्रतिनियुक्ति पर हैं और प्रतिनियुक्ति के माध्यम से दोनों एयरलाइंस के बीच कर्मचारियों की आवाजाही जारी रहेगी।

एयर इंडिया और विस्तारा का होगा विलय

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में कैंपबेल ने कहा कि 7,000 से अधिक कर्मचारियों का मूल्यांकन किया गया है और उनकी भूमिका एवं जिम्मेदारियों का निर्धारण जून में पूरा कर लिया जाएगा। इनमें चालक दल भी शामिल होंगे।विस्तारा और एयर इंडिया के बीच करीब 120 पायलट पहले से ही प्रतिनियुक्ति पर हैं और प्रतिनियुक्ति के माध्यम से दोनों एयरलाइंस के बीच कर्मचारियों की आवाजाही जारी रहेगी।सूत्रों ने कहा कि निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक वैश्विक परामर्श फर्म की मदद से संगठन संरचना को अंतिम रूप दिया गया है। संगठन संरचना तय करते समय अगले कुछ वर्षों में बेड़े के विस्तार, नेटवर्क विकास और बढ़ी हुई सेवा की योजनाओं को भी ध्यान में रखा गया है।

कर्मचारियों को इस बात की चिंता

दोनों एयरलाइंस के प्रमुखों ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि नई संरचना में उनकी नियुक्ति या कार्य-निर्धारण योग्यता और क्षमता के आधार पर किया जा रहा है।इस विलय के लिए मुख्य एकीकरण अधिकारी बनाए गए कन्नन ने एकीकरण की प्रक्रिया और विलय की दिशा में अब तक किए गए कार्यों का उल्लेख किया।सूत्रों ने कहा कि कर्मचारियों को विलय के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराने के लिए आने वाले दिनों में विभागवार बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।

टाटा समूह के नियंत्रण वाली दोनों एयरलाइंस के विलय की घोषणा नवंबर, 2022 में की गई थी। सौदा पूरा होने के बाद सिंगापुर एयरलाइंस की एयर इंडिया में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। विस्तारा, सिंगापुर एयरलाइंस और टाटा समूह का संयुक्त उद्यम है।विलय को भारत में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से मंजूरी का इंतजार है। इस साल मार्च में सिंगापुर के प्रतिस्पर्धा नियामक सीसीसीएस ने प्रस्तावित विलय को सशर्त मंजूरी दे दी थी। सितंबर, 2023 में सौदे को कुछ शर्तों के अधीन भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) से भी मंजूरी मिल गई थी।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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