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8th Pay Commission Pension: क्या न्यूनतम वेतन के बराबर होगी न्यूनतम पेंशन?

8th Pay Commission Pension: आठवें वेतन आयोग को मंजूरी मिलने के बाद अब गठन का इंतजार है। लेकिन केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इस आयोग से उम्मीद है कि न्यूनतम पेंशन को न्यूनतम वेतन के बराबर किया जाएगा, जो 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत नहीं हो पाया था।

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आठवें वेतन आयोग से उम्मीदें (तस्वीर-Canva)

8th Pay Commission Pension: मोदी सरकार ने बजट 2025 से पहले आठवें वेतन आयोग के गठन की मंजूरी दे दी है। अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में संशोधन करने के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) का औपचारिक रूप से गठन जल्द ही होने की उम्मीद है। जिसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती हैं। एक ओर 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन (Salary) और पेंशन (Pension) बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में उत्सुकता बढ़ रही है तो दूसरी ओर नए वेतन आयोग को एक ऐसे मुद्दे का सामना करना पड़ सकता है, जिस पर पिछले वेतन आयोग यानी 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के समक्ष भी चर्चा हुई थी। यह देखना दिलचस्प होगा कि 8वां वेतन आयोग इस मुद्दे को कैसे निपटाता है।

क्या न्यूनतम वेतन के बराबर होगा न्यूनतम पेंशन?

न्यूनतम पेंशन (Minimum Pension) की मात्रा न्यूनतम वेतन (Minimum Salary) के बराबर होनी चाहिए या नहीं? यह मुद्दा 7वें वेतन आयोग के समक्ष आया था। कर्मचारियों के साथ बैठकों में, 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) को विभिन्न सिफारिशें प्राप्त हुई थीं, जिनमें कहा गया था कि 3500 रुपये की मौजूदा न्यूनतम पेंशन कम है। और सातवें वेतन आयोग के समक्ष यह तर्क दिया गया कि न्यूनतम पेंशन जीविका के लिए न्यूनतम वेतन के बराबर होनी चाहिए। 7वें वेतन आयोग ने इस संबंध में सरकार से राय मांगी थी।

न्यूनतम वेतन के बराबर न्यूनतम पेंशन पर 7वें वेतन आयोग का जवाब

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) को बताया कि 5वें वेतन आयोग के बाद जारी आदेशों के मुताबिक सरकार में न्यूनतम पेंशन 1,275 रुपये थी। 2006 से पहले के पेंशनभोगी की सामान्य संशोधित समेकित पेंशन पूर्व संशोधित मूल पेंशन का 2.26 गुना थी। DoPPW ने यह भी कहा कि 6वें वेतन आयोग में संशोधित न्यूनतम पेंशन 3500 रुपये पूर्व संशोधित पेंशन 1,275 रुपये से 2.26 गुना अधिक थी। 7वें वेतन आयोग ने न्यूनतम पेंशन को न्यूनतम वेतन के बराबर न करने का फैसला किया।

हालांकि इसने यह सुनिश्चित किया कि न्यूनतम वेतन और पेंशन पर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की सिफारिश की। जिसकी वजह से केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन दोगुनी से भी अधिक बढ़कर 3500 रुपये से 9000 रुपये हो गई। 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) द्वारा अनुशंसित न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये और न्यूनतम पेंशन 9000 रुपये थी। अब 8वें वेतन आयोग के तहत उम्मीद की जा रही है कि महंगाई को देखते हुए न्यूनतम वेतन के बराबर न्यूनतम पेंशन की जाएगी।

7वें सीपीसी ने अपनी सिफारिशों में उल्लेख किया था कि इसके अलावा केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन के संबंध में इस आयोग की सिफारिशों से न्यूनतम वेतन में मौजूदा 7,000 रुपये प्रति माह से 18,000 रुपये प्रति माह तक उल्लेखनीय वृद्धि होगी। पेंशन की गणना के आधार पर यह मौजूदा 3,500 रुपये से 9,000 रुपये तक न्यूनतम पेंशन (Minimum Pension) बढ़ाएगा। इस आयोग की सिफारिशों के आधार पर न्यूनतम पेंशन मौजूदा स्तर से 2.57 गुना बढ़ जाएगी।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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