Bihar Ka Mausam (बिहार में आज का मौसम कैसा रहेगा) 7-December-2025: बिहार में मौसम लगातार शुष्क बना हुआ है लेकिन इसके साथ ठंड की तीव्रता तेजी से बढ़ रही है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छा रहा है, जिससे दृश्यता पर भी असर पड़ रहा है। दिन भर धूप निकलने के बावजूद अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जबकि रात का तापमान लगातार गिर रहा है।
बिहार का मौसम कैसा है
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, शनिवार को राजधानी सहित 20 जिलों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना में दिन का तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। वहीं, भागलपुर ने न्यूनतम तापमान के मामले में ठंड का नया रिकॉर्ड बनाया, जहां पारा 8.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
दक्षिण बिहार में तेजी से बढ़ रही ठंड
दक्षिणी जिलों में ठंड का असर और तेज है। कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड में न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। दक्षिण बिहार के सभी 19 जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा, जबकि उत्तर बिहार में यह 10–11 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। गया में भी इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज हुई। यहां दिन का तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस जबकि रात का तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। पछुआ हवाओं की गति 15 से 20 किमी प्रति घंटे के कारण सुबह-शाम ठिठुरन और अधिक महसूस हो रही है।
अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक बिहार में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। दिन का तापमान भी 24–28 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रह सकता है। 8 दिसंबर से तापमान में हल्की बढ़ोतरी के संकेत हैं, लेकिन पछुआ हवा की रफ्तार 40 किमी/घंटा तक पहुंचने की संभावना है। इससे ठंड का असर और गहरा महसूस होने की आशंका है।
बिहार में कब पड़ेगी कड़ाके की ठंड
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 15 दिसंबर के बाद बिहार में शीतलहर की शुरुआत हो सकती है। कई जिलों में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे भी नीचे जाने की संभावना है।
प्रदूषण की स्थिति बनी चिंताजनक
पटना समेत 20 शहरों में वायु गुणवत्ता शनिवार को खराब रही। सासाराम में AQI 174 दर्ज हुआ, जबकि पटना का औसत AQI 139 रहा। समनपुरा में स्थिति सबसे अधिक प्रदूषित रही, जहां AQI 186 तक पहुंच गया। गांधी मैदान और तारामंडल क्षेत्र में भी हवा मध्यम श्रेणी में रही। विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान गिरने और हवा की गति कम होने से प्रदूषण स्तर और बढ़ सकता है। इसी को देखते हुए नगर निगम ने प्रमुख सड़कों पर पानी के छिड़काव और वॉटर स्प्रिंकलर मशीनों की तैनाती बढ़ा दी है।
