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EV: अमेरिका ने चीन से शुरू किया टैरिफ वॉर, भारत बन सकता है EV का डंपिंग ग्राउंड, जानें क्या है खतरा

GTRI, China Threat: ग्लोबल ट्रे़ड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने कहा है किअमेरिका टैरिफ में लगातार बढ़ोतरी कर चीन पर अपनी निर्भरता को कम करने में लगा हुआ है। इसी रणनीति में अमेरिका और यूरोपीय यूनियन, चीन से इलेक्ट्रिक व्हीकल के आयात में कटौती कर रहे हैं। ऐसे में चीन इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरियों को भारत समेत बाकी बाजार में डंप करने की कोशिश करेगा।

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चीन से भारत को बढ़ा खतरा

GTRI, China Threat:अमेरिका का इलेक्ट्रिक व्हीकल पर चार गुना टैरिफ बढ़ाना भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। इस बात का अंदेशा प्राइवेट आर्थिक व्यापार थिंक टैंक GTRI ने अंदेशा जताया है। उसका कहना है कि अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने से भारत चाइनीज प्रोडक्ट्स के लिए डंपिंग ग्राउंड बन सकता है, ऐसे में भारत को सतर्क रहने की जरूरत है। जिससे वह चाइनीज प्रोडक्ट्स की डंपिंग को रोक सके। असल में अमेरिका ने चीन के साथ बढ़ते ट्रेड वॉर के बीच 14 मई को कई चाइनीज प्रोडक्ट्स के टैरिफ में जबरदस्त बढ़ोतरी की है, जिसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरियां, कंप्यूटर चिप्स और मेडिकल प्रोडक्ट्स शामिल हैं। ऐसे में भारत के लिए चाइनीज इलेक्ट्रिक व्हीकल सबसे बड़ा खतरा बन सकते हैं और उसका सीधा असर मेक इन इंडिया मुहिम पर पड़ सकता है।

अमेरिका-चीन से बना रहा है दूरी

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल ट्रे़ड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने कहा है किअमेरिका टैरिफ में लगातार बढ़ोतरी कर चीन पर अपनी निर्भरता को कम करने में लगा हुआ है। इसी रणनीति में अमेरिका और यूरोपीय यूनियन, चीन से इलेक्ट्रिक व्हीकल के आयात में कटौती कर रहे हैं। ऐसे में चीन इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरियों को भारत समेत बाकी बाजार में डंप करने की कोशिश करेगा।

असल में अमेरिका इस साल चइलेक्ट्रिक व्हीकल पर ड्यूटी में चार गुना बढ़ोतरी करेगा, जबकि 2025 तक वह सेमीकंडक्टर के टैरिफ को डबल कर 50 फीसदी करेगा। इस कदम पर अमेरिका ने कहा है कि चीन की गलत ट्रे़ड सिस्टम और इससे होने वाले नुकसान की वजह से राष्ट्रपति जो बाइडन ने ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 301 के तहत टैरिफ में बढ़ोतरी करने का निर्देश दिए हैं। जिससे अमेरिकी कामगारों और बिजनेस को चीन से होने वाले आयात से बचाया जा सके।'

WTO नियमों का उल्लंघन

हालांकि GTRI का कहना है कि टैरिफ में प्रस्तावित बढ़ोतरी विश्व व्यापार संगठन (WTO)के प्रावधानों का उल्लंघन है। GTRI के फाउंडर अजय श्रीवास्तव का कहना है कि हालांकि चीनी आइटम पर अमेरिका द्वारा ज्यादा ड्यूटी लगाने से भारत के लिए फेस मास्क, सिरिंज और नीडल, मेडिकल दस्तानों, नैचुरल ग्रेफाइट आदि प्रोडक्ट के लिए अच्छे मौके मिल बन सकते हैं।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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