ऑटो न्यूज़

OLA Car: ओला नहीं लाएगी इलेक्ट्रिक कार, केवल इन प्रोडक्ट पर होगा फोकस, प्रॉफिट के लिए बनाई खास रणनीति

OLA Electric Car: ओला इलेक्ट्रिक ऐसे उत्पाद बनाएगी जिनकी भारतीयों को जरूरत है, जिनमें से अधिकतर दोपहिया तथा तिपहिया वाहन हैं। फाउंडर के अनुसार कंपनी ने अधिक उत्पादन, सप्लाई चेन को मजबूत कर और घरेलू स्तर पर उत्पादित ‘सेल’ के आधार पर प्रॉफिट में आने की रूपरेखा तैयार कर ली है।

Image

ओला दोपहिया वाहन पर करेगी फोकस

Photo : Times Now Digital

OLA Electric Car:ओला इलेक्ट्रिक कार नहीं बनाएगी। कंपनी ने फिलहाल इलेक्ट्रिक कार बनाने की योजना फिलहाल टाल दी है। वह अभी इस पर काम नहीं कर रही है।कंपनी का कहना है कि वह ऐसे उत्पाद बनाएगी जिनकी भारतीयों को जरूरत है, जिनमें से अधिकतर दोपहिया तथा तिपहिया वाहन हैं। इसके अलावा कंपनी का फोकस पर भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले सेल के निर्माण पर है। ओला ने हाल ही में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल कैटेगरी में एंट्री की है।

इन प्रोडक्ट पर रहेगा फोकस

ओला इलेक्ट्रिक के संस्थापक भाविश अग्रवाल ने कहा कि कंपनी ने अधिक उत्पादन, सप्लाई चेन को मजबूत कर और घरेलू स्तर पर उत्पादित ‘सेल’ के आधार पर प्रॉफिट में आने की रूपरेखा तैयार कर ली है। कंपनी ऐसे उत्पाद बनाएगी जिनकी भारतीयों को जरूरत है, जिनमें से अधिकतर दोपहिया तथा तिपहिया वाहन हैं।

अग्रवाल ने कहा कि हमने दिखाया है कि तेज ग्रोथ के साथ निवेश करके भी, आप मुनाफे में सुधार कर सकते हैं। कर पूर्व आय से लेकर कर पश्चात आय तक के लिए प्रॉफिट की रूपरेखा तैयार की गई है। हमारे पास दो या तीन रणनीतियां हैं, जिन पर हम लगातार काम कर रहे हैं, जो आने वाली तिमाहियों में मुनाफे में सुधार लाएंगी। अग्रवाल ने बताया कि हमारे सेल उत्पादन का इस्तेमाल अपने उत्पादों में होने लगेगा, इसलिए अगले वर्ष के प्रारम्भ तक हमारे मुनाफे में भी काफी बढ़ोतरी होगी। ओला इलेक्ट्रिक ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही से अपने वाहनों में ‘भारत 4680’ सेल को यूज करने का ऐलान पहले ही कर दिया है।

अभी कितने घाटे में कंपनी

भाविश अग्रवाल के अनुसार कंपनी ने लाभ में आने के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की है।ओला इलेक्ट्रिक का अप्रैल-जून तिमाही में एकीकृत घाटा सालाना आधार पर बढ़कर 347 करोड़ रुपये हो गया था। पिछले साल की अप्रैल-जून तिमाही में उसे 267 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का शुद्ध घाटा 1,586 करोड़ रुपये था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article