IEC 2023: टाइम्स नेटवर्क के इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव का आज अंतिम दिन है। इंडियाः अ बूमिंग लग्जरी मार्केट पर बात करने के लिए मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ संतोष अय्यर यहां मौजूद थे। भारतीय संदर्भ में बिजनेस को लेकर उन्होंने कहा कि यहां व्यापार करना बहुत आसान है। जहां प्रोडक्शन प्लांट होता है, वहां की राज्य सरकार से हमारा करार होता है और समय पर इंसेटिव भी हमें मिल जाता है। इसके अलावा संतोष अय्यर ने आईईसी 2023 में इलेक्ट्रिक कारों से लेकर और भी कई मुद्दों पर जानकारी दी है।
138 साल पहले बनाई थी पहली कार
आईईसी 2023 में बात करते हुए मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ संतोष अय्यर ने कहा, हमने 138 साल पहले पहली कार बनाई थी जिसके बाद इन कारों की काया ही पलट गई है। 2030 तक हम पूरी तरह इलेक्ट्रिक कारें बनाने का टारगेट लेकर चल रहे हैं। अगला बड़ा टारगेट ऑटोनोमस कारें हैं जो बिना ड्राइवर के चलती हैं। आज मर्सिडीज का सिंबल दुनिया में सबसे ज्यादा पहचाना जाता है और किसी धर्म के चिन्ह जितना ही पॉपुलर है, हमारी जिम्मेदारी इस नाम को लगातार आगे बढ़ाने की है।
आपस में बात करती हैं कारें
संतोष अय्यर ने इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में कई अहम बातें सामने रखीं। उनहोंने बताया कि मर्सिडीज की कारें आज की तारीख में बहुत एडवांस हो चुकी हैं, यहां तक कि हालिया लॉन्च ईक्यूएस इलेक्ट्रिक कार अगर किसी रास्ते से गुजरे और वहां कोई गड्ढा हो, तो अगली मर्सिडीज को इसकी जानकारी, कार आपस में बात करके दे देती है। मर्सिडीज की सभी कारों में आज ओटीए अपडेट मिलता है जिसकी मदद से बिना डीलरशिप पहुंचे कार को इंटरनेट से ही कार के फीचर्स अपडेट कर सकते हैं।
कारों पर 2 साल तक वेटिंग
आईईसी 2023 में संतोष अय्यर ने कहा कि लग्जरी होने के बावजूद हमारी कारों पर 2 साल तक वेटिंग मिल रही है। इसमें ग्राहक मर्सिडीज जी-वैगन का 2 साल तक इंतजार करते हैं, इसके अलावा मायबाक और एस-क्लास जैसी कारों पर 10-12 महीने वेटिंग दी जा रही है। सामान्य मॉडल्स पर नजर डालें तो यहां 3-4 महीने वेटिंग दी जाती है। ऐसे में हमारा सबसे बड़ा फोकस फिलहाल वेटिंग पीरियड को कम करना है। कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार ई-क्लास है तो एक सेडान है।
