driving in winter/Photo-Canva
सर्दियों का मौसम भले ही सुहावना लगता हो, लेकिन वाहनों के लिए यह सीजन कई मुश्किलें लेकर आता है। सुबह की घनी धुंध, शीशों पर जमी बर्फ, फिसलन भरी सड़कें और कम होती विजिबिलिटी, ये सब मिलकर ड्राइविंग को काफी जोखिम भरा बना देते हैं। खासकर उत्तर भारत में जहां दिसंबर से फरवरी तक तापमान गिरता है, वहां सड़क दुर्घटनाओं के मामले बढ़ जाते हैं। ऐसे में अगर आप कार या बाइक से सफर करते हैं, तो सिर्फ सावधानी और सही तैयारी ही आपको सुरक्षित रख सकती है।
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अक्सर लोग सोचते हैं कि ड्राइविंग तो वैसे भी रोज की आदत है, तो सर्दी इससे कैसे अलग हो सकती है? लेकिन सच यह है कि सर्दियों में सड़क की हालत, टायर का ग्रिप, इंजन की परफॉर्मेंस और ड्राइवर की विजिबिलिटी सामान्य दिनों से बिल्कुल अलग रहती है। ऐसे में छोटी-सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
1. सफर से पहले वाहन की अच्छे से जांच करें
ब्रेक, टायर, इंजन ऑयल, बैटरी और वाइपर की स्थिति देखकर ही निकलें।
2. टायर प्रेशर सही रखें
ठंड में टायर का प्रेशर कम हो जाता है, जिससे वाहन का बैलेंस बिगड़ सकता है।
3. फॉग लाइट का इस्तेमाल करें
धुंध में हाई बीम की जगह लो बीम और फॉग लाइट ज्यादा सही रहती है।
4. धीरे चलें और दूरी बनाए रखें
फिसलन में अचानक ब्रेक लगाना खतरनाक हो सकता है।
5. वाइपर और डी-फॉगर चालू रखें
इससे विंडशील्ड साफ रहेगी और विजिबिलिटी बेहतर होगी।
6. शीशों पर जमा धुंध हटाएं
एसी या हीटर से ग्लास क्लियर करने की आदत डालें।
7. अचानक स्टेयरिंग बदलने से बचें
स्लिपरी रोड पर कंट्रोल खोने की संभावना रहती है।
8. रोड मार्किंग और सिग्नल पर ध्यान दें
लो विजिबिलिटी में रूट और साइन पढ़ना बेहद जरूरी है।
9. फोन या म्यूजिक में ध्यान न भटकाएं
सर्दियों में सड़क पर ध्यान दोगुना होना जरूरी है।
10. गाड़ी में जरूरी सामान रखें
फर्स्ट-ऐड किट, टॉर्च, पानी, पावर बैंक और ब्लैंकेट हमेशा साथ रखें।