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इजराइल-हमास के बीच युद्धविराम समझौते की उम्मीद बढ़ी, ट्रंप के विशेष दूत विटकॉफ जाएंगे मिडिल ईस्ट

विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने संवाददाताओं को बताया कि विटकॉफ इस उम्मीद के साथ इस क्षेत्र में जा रहे हैं कि अमेरिका युद्धविराम समझौते के साथ-साथ सहायता वितरण के लिए एक नया मानवीय गलियारा भी स्थापित कर सकेगा।

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ट्रंप के विशेष दूत विटकॉफ जाएंगे मध्य पूर्व (AP)

Witkoff plans to visit Mideast- अमेरिका एक बार फिर इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रहा है। इसी योजना के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने मध्य पूर्व जाने की योजना बनाई है। विदेश विभाग के प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी। विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने संवाददाताओं को बताया कि विटकॉफ इस उम्मीद के साथ इस क्षेत्र में जा रहे हैं कि अमेरिका युद्धविराम समझौते के साथ-साथ सहायता वितरण के लिए एक नया मानवीय गलियारा भी स्थापित कर सकेगा।

नहीं बताया कि विटकॉफ मध्य पूर्व में कहां जा रहे हैं

ब्रूस ने कहा, मेरा मानना है कि हमें कुछ अच्छी खबर मिल सकती है, लेकिन जैसा कि हम जानते हैं, यह लगातार बदलती गतिशीलता हो सकती है। ब्रूस के पास इस बारे में कोई अन्य विवरण नहीं था कि विटकॉफ कहां जा रहे हैं या उन्होंने क्या योजना बनाई है। तीन अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि विटकॉफ इस सप्ताह गाजा और युद्धविराम के प्रयासों सहित कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए यूरोप की यात्रा कर रहे हैं, लेकिन उनके पास इस बारे में कोई विवरण नहीं था कि विटकॉफ मध्य पूर्व में कहा जाएंगे। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि विटकॉफ कहाँ और कब जाएंगे।

ट्रंप प्रशासन महीनों से संघर्ष विराम समझौते की कोशिश में

पीटीआई की खबर के मुताबिक, अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने की अनुमति नहीं थी और उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर यह जानकारी दी। विदेश विभाग के प्रेस कार्यालय ने विटकॉफ की यात्रा के बारे में अधिक जानकारी मांगने वाले संदेशों का जवाब नहीं दिया, और यह भी तुरंत स्पष्ट नहीं था कि इस सप्ताह उनका कार्यक्रम क्या होगा। गाजा में हालात बिगड़ने के कारण ट्रंप प्रशासन महीनों से संघर्ष विराम समझौते पर बातचीत में कोई सफलता हासिल नहीं कर पाया है। 21 महीने से ज्यादा समय से चल रहे युद्ध में इस क्षेत्र में सहायता चाहने वालों के लिए अब तक का सबसे घातक दिन रहा, जब रविवार को भोजन की तलाश में कम से कम 85 फ़िलिस्तीनी मारे गए थे। इजराइली सेना ने चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाने की बात कही है, लेकिन कहा है कि मृतकों की संख्या बहुत ज्यादा बताई गई है।

फिलिस्तीनियों की भीड़ पर गोलीबारी का आरोप

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी ने इजराइली सेना पर मानवीय सहायता मांग रहे फिलिस्तीनियों की भीड़ पर गोलीबारी करने का आरोप लगाया है। ब्रूस ने कहा कि यह घटना उस समय हुई जब नागरिक ज़िकिम क्रॉसिंग के जरिए इजराइल में प्रवेश करके सहायता प्राप्त करने की कोशिश कर रहे थे। यह बेहद भयानक है और इससे यह बात पुष्ट होती है कि अमेरिका किसी भी युद्धविराम समझौते के तहत एक नया मानवीय गलियारा बनाने पर जोर क्यों दे रहा है।

दोनों पक्षों ने कतर में हफ़्तों तक बातचीत की है, जिसमें प्रगति के कुछ संकेत मिले हैं, लेकिन कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। अधिकारियों ने कहा है कि मुख्य अड़चन किसी भी युद्धविराम के बाद इजराइली सैनिकों की फिर से तैनाती है। अमेरिकी योजना में 60 दिनों के युद्धविराम का आह्वान किया गया है, जिसके दौरान हमास कुछ बंधकों को रिहा करेगा, जबकि इजराइल फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा और गाजा में मानवीय सहायता की आपूर्ति बढ़ाएगा। इन 60 दिनों के दौरान दोनों पक्षों को युद्ध के स्थायी अंत पर भी बातचीत शुरू करनी है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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