दुनिया

49 साल से शासन कर रही पार्टी के खिलाफ मोजाम्बिक में भड़की हिंसा, विद्रोह में अबतक 21 लोगों की मौत

Protests in Mozambique: मोजाम्बिक में बीते अक्टूबर महीने में हुए चुनावों के परिणामों को न्यायालय द्वारा बरकरार रखे जाने के बाद देशभर में उग्र विरोध प्रदर्शन फैल गए हैं। इन प्रदर्शनों के कारण अब तक 21 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, और हिंसा का माहौल बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा पश्चिमी देशों के पर्यवेक्षकों ने चुनावों की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि चुनाव निष्पक्ष थे।

Image

मोजाम्बिक में चुनाव को लेकर अदालत के फैसले के बाद भड़की हिंसा में 21 लोगों की मौत

Photo : Twitter

Mozambique violence: मोजाम्बिक के उच्चतम न्यायालय द्वारा सत्तारूढ़ फ्रीलीमो पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डेनियल चैपो को नौ अक्टूबर को हुए विवादित चुनावों का विजेता घोषित किए जाने पर वहां हिंसा भड़क गई, जिसमें पुलिस के दो अधिकारियों सहित कम से कम 21 लोग मारे गए। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मोजाम्बिक के गृह मंत्री पास्कोल रोंडा ने मंगलवार देर रात मापुतो में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एक दिन पहले अदालत की घोषणा के बाद हिंसा और लूटपाट शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि चैपो के निकटतम प्रतिद्वंदी और चुनाव में हार गए उम्मीदवार वेनांसियो मोंडलेन के युवा समर्थकों ने इस हिंसा का नेतृत्व किया। इस चुनाव में चैपो को 65 प्रतिशत मत मिले जबकि मोंडलेन को 24 प्रतिशत ही वोट मिल सके।

2 पुलिस कर्मियों समेत 21 लेगों की मौत

रोंडा ने कहा कि प्रारंभिक सर्वेक्षण से पता चला है कि पिछले 24 घंटे में पूरे राष्ट्र में हिंसा की 236 घटनाएं दर्ज की गईं। इन हिंसा में पुलिस के दो कर्मियों समेत 21 लेगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि इसमें 13 नागरिक और पुलिस के 12 कर्मी घायल हुए हैं। रोंडा ने बताया कि पुलिस के दो वाहनों समेत कुल 25 वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। उन्होंने बताया कि 11 पुलिस चौकियों तथा एक कारागार पर हमला कर वहां तोड़फोड़ की गई और 86 कैदियों को छुड़ा लिया गया। मोंडलेन ने शुक्रवार से बंद का आह्वान किया है, लेकिन देश में हिंसा पहले ही बढ़ चुकी है और मंगलवार रात को राजधानी में स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। देश के निर्वाचन निकाय द्वारा प्रारंभिक परिणाम घोषित किये जाने के बाद से चुनाव पश्चात हिंसा में मरने वाले लोगों की संख्या 150 से अधिक हो गयी है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article