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IMF से पाक को लोन जारी होने पर एक्सपर्ट ने ट्रंप प्रशासन को लगाई फटकार, पूछा-क्यों जारी होने दिया फंड

यूएस थिंक टैंक अमेरिकी एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के सैन्य रणनीतिकार माइकल रूबिन ने कहा कि ऐसे समय में जब पाकिस्तान आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है, ट्रंप प्रशासन को आईएमएफ से लोन जारी नहीं होने देना चाहिए था। बेल आउट पैकेज जारी होने पर रूबिन ने ट्रंप प्रशासन को फटकार लगाई है।

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आईएमएफ से पाकिस्तान को जारी हुआ एक अरब डॉलर का पैकेज।

Michael Rubin : अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से पाकिस्तान को एक अरब डॉलर का राहत पैकेज जारी होने पर यूएस थिंक टैंक अमेरिकी एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के सैन्य रणनीतिकार माइकल रूबिन ने ट्रंप प्रशासन को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब पाकिस्तान आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है, ट्रंप प्रशासन को आईएमएफ से लोन जारी नहीं होने देना चाहिए था।

पाक को IMF से मिला है 1 अरब डॉलर

वाशिंगटन एग्जामिनर के ओ-पेड में रूबिन ने लिखा है कि 'चीन समर्थक और आतंकवाद में लिप्त देश के लिए एक अरब डॉलर का फंड जारी करना कहां तक उचित है।' बता दें कि आईएमएफ ने बीते शुक्रवार को पाकिस्तान को एक अरब डॉलर का राहत पैकेज जारी किया।

इससे आतंक के खिलाफ लड़ाई कमजोर हुई-रूबिन

रूबिन ने लिखा है, 'IMF की ओर से यह लोन ऐसे समय जारी हुआ जब पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने भारत में घुसकर गैर-मुस्लिमों की हत्या उनके परिवार के सामने की। हैरान करने वाली बात है कि पाकिस्तानी सेना के अफसर वर्दी में मारे गए आतंकवादियों के जनाजे में शामिल हुए।' रणनीतिकार ने कहा कि आईएमएफ की यह फंडिंग आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को कमजोर करने वाली है और इस संस्था के इस फंड पर सवाल उठने चाहिए।

IMF को यूस देता है 150 अरब डॉलर

रूबिन ने आगे लिखा है कि ट्रंप प्रशासन को अपनी वित्तीय ताकत दिखाते हुए आईएमएफ को दी जाने वाली अपनी मदद के बारे में दोबारा विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को पैसों की इस तरह की बर्बादी, धोखाधड़ी या असम्मान को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस अंतरराष्ट्रीय संस्था को 150 अरब डॉलर से ज्यादा की राशि देता है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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