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अब अमेरिकी सेना ने कैरिबियन सागर में उड़ाया जहाज, ईरानी जंग के बीच ये क्या हुआ?

Caribbean Sea Strike: ईरान युद्ध के बावजूद, पिछले एक हफ्ते या उससे कुछ ज्यादा समय में अमेरिकी हमलों का यह सिलसिला फिर से तेज हो गया है।

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अब अमेरिकी सेना ने कैरिबियन सागर में उड़ाया जहाज, ईरानी जंग के बीच ये क्या हुआ?

US Military Strike: अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने कैरिबियन सागर में ड्रग्स ले जाने के आरोपी एक नाव पर रविवार को एक और हमला किया, जिसमें तीन लोग मारे गए। लैटिन अमेरिकी जलक्षेत्र में ड्रग-तस्करी करने वाले जहाजों को उड़ाने का ट्रंप प्रशासन का अभियान सितंबर की शुरुआत से ही जारी है और इसमें कम से कम 181 लोग मारे जा चुके हैं। पूर्वी प्रशांत महासागर में भी अन्य हमले हुए हैं।

ईरान युद्ध के बावजूद, पिछले एक हफ्ते या उससे कुछ ज्यादा समय में हमलों का यह सिलसिला फिर से तेज हो गया है। इससे पता चलता है कि पश्चिमी गोलार्ध में जिसे प्रशासन 'नार्को-आतंकवाद' कहता है, उसे रोकने के लिए उसके आक्रामक कदम कम नहीं हो रहे हैं। सेना ने इस बात का कोई सबूत नहीं दिया है कि इनमें से किसी भी जहाज पर ड्रग्स लदा था।

ड्रग-तस्करी को रोकने के लिए बड़ा एक्शन

ये हमले तब शुरू हुए जब अमेरिका ने इस क्षेत्र में दशकों बाद अपनी सबसे बड़ी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई, और ये जनवरी में हुई उस छापेमारी से कुछ महीने पहले हुए थे, जिसमें वेनेज़ुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा गया था। उन्हें ड्रग-तस्करी के आरोपों का सामना करने के लिए न्यूयॉर्क लाया गया था, लेकिन उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है।

रविवार को हुए ताजा हमले में, US सदर्न कमांड ने अपने पिछले बयानों को दोहराते हुए कहा कि उसने ज्ञात तस्करी मार्गों पर कथित ड्रग-तस्करों को निशाना बनाया था। उसने X पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें एक नाव पानी में आगे बढ़ती हुई दिखाई देती है, जिसके बाद एक जबरदस्त धमाका होता है और पूरा जहाज आग की लपटों में घिर जाता है।

देखें- वीडियो

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका लैटिन अमेरिका के कार्टेल (अपराधी गिरोहों) के साथ सशस्त्र संघर्ष में है। उन्होंने इन हमलों को अमेरिका में ड्रग्स के प्रवाह को रोकने और अमेरिकियों की जान लेने वाले जानलेवा ओवरडोज को रोकने के लिए एक जरूरी कदम बताया है। लेकिन उनके प्रशासन ने नार्को-आतंकवादियों को मारने के अपने दावों के समर्थन में बहुत कम सबूत पेश किए हैं। इस बीच, आलोचकों ने नावों पर किए गए इन हमलों की समग्र वैधता पर सवाल उठाए हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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