US Iran War: पिछले तीन महीनों से जारी अमेरिका और ईरान के बीच के युद्ध में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मोड़ आया है। एपी की रिपोर्ट के मुताबिक एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया है कि दोनों देशों के वार्ताकारों ने गुरुवार को संघर्षविराम को अगले 60 दिनों के लिए बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नए दौर की बातचीत शुरू करने को लेकर एक अस्थायी समझौता कर लिया है। हालांकि, इस समझौते पर अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अंतिम हस्ताक्षर होना बाकी है।
अस्थायी युद्धविराम समझौते पर चल रही है बातचीत (फाइल फोटो)
उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- कुछ शब्दों पर चल रही है 'बैक एंड फोर्थ'
ईरान ने अभी तक इस समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दूसरी ओर, अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार शाम इस प्रारंभिक समझौते की पुष्टि तो की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे अंतिम मंजूरी देंगे या नहीं। संवाददाताओं से बातचीत में जेडी वेंस ने कहा कि "यह कहना मुश्किल है कि राष्ट्रपति इस पर कब हस्ताक्षर करेंगे या करेंगे भी या नहीं। हम अभी भी मसौदे के कुछ भाषाई बिंदुओं पर आपस में चर्चा और विचार-विमर्श कर रहे हैं।" यह समझौता ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम बेहद नाजुक मोड़ पर था। समझौते से ठीक एक दिन पहले ही, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, कुवैत ने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया था, जिसके बाद तनाव चरम पर पहुंच गया था।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर बड़ा प्रस्ताव
एपी की खबर के मुताबिक इस सहमति पत्र (MoU) में यह साफ किया गया है कि ईरान 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) से गुजरने वाले जहाजों पर कोई टैक्स या टोल नहीं लगा सकेगा। इसके साथ ही, ईरान को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से अगले 30 दिनों के भीतर सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को पूरी तरह से हटाना होगा। गौरतलतब है कि युद्ध के दौरान ईरान ने इस मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया था, जहां से दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में उम्मीद जताई कि जैसे ही यह डील फाइनल होगी, तेल की कीमतें बहुत तेजी से नीचे आ सकती हैं।
ट्रंप का रुख: 'ईरान आखिरी सांसों पर कर रहा है बातचीत'
संघर्षविराम के दावों के बीच, पिछले दो दिनों में वाशिंगटन और तेहरान ने एक-दूसरे पर संघर्षविराम के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। कुवैत पर हुए हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए 'रक्षात्मक हमले' किए थे। इन सबके बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान इस वक्त बिल्कुल आखिरी सांसों में बातचीत कर रहा है। उन्होंने साफ किया कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन के दबाव में आकर वे युद्ध खत्म करने की किसी जल्दबाजी में नहीं हैं।
