ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ा सैन्य संघर्ष अब आसमान में एक बड़ी जंग का रूप ले चुका है। अमेरिकी न्यूज चैनल CNN की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस युद्ध में अमेरिकी वायुसेना को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को हुई दो अलग-अलग घटनाओं में एक F-15 लड़ाकू विमान और एक A-10 विमान के तबाह होने के बाद, अमेरिका के गंवाए गए विमानों की कुल संख्या सात तक पहुंच गई है। यह आंकड़े बताते हैं कि आधुनिक तकनीक से लैस होने के बावजूद अमेरिकी बेड़े को खाड़ी के आसमान में कड़ी चुनौती मिल रही है।
अब तक 7 अमेरिकी लड़ाकू विमान तबाह (सांकेतिक चित्र: Reuters)
F-15 और A-10 की तबाही और बढ़ता नुकसान
शुक्रवार का दिन अमेरिकी वायुसेना के लिए भारी नुकसान वाला रहा, जब उसके दो महत्वपूर्ण लड़ाकू विमान अलग-अलग मोर्चों पर नष्ट हो गए। इन ताजा नुकसानों ने पेंटागन की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि युद्ध की शुरुआत से ही विमानों के गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इससे पहले मार्च की शुरुआत में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई थी, जब कुवैत की अपनी ही वायु रक्षा प्रणाली ने 'फ्रेंडली फायर' के तहत गलती से तीन अमेरिकी F-15 विमानों को मार गिराया था। हालांकि, उस घटना में सभी छह क्रू सदस्य सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे थे और बाद में फिर से मोर्चे पर लौट आए।
टैंकर विमानों और एयर बेस पर भीषण हमले
हवाई युद्ध के अलावा, ईरान ने जमीन पर मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया है। 27 मार्च को सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए एक बड़े ईरानी हमले में अमेरिका का एक बहुमूल्य E-3 सेंट्री (अर्ली वार्निंग) विमान रनवे पर ही पूरी तरह तबाह हो गया। इस हमले की पुष्टि सेटेलाइट से मिली तस्वीरों के जरिए भी हुई है। इस हमले में न केवल विमान नष्ट हुआ, बल्कि कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए और एक अन्य ईंधन भरने वाला टैंकर विमान भी क्षतिग्रस्त हुआ। यह हमला दर्शाता है कि ईरान की मिसाइल पहुंच अब पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी बेस तक मजबूती से हो चुकी है।
हादसों और तकनीकी चुनौतियों की मार
अमेरिकी वायुसेना को केवल दुश्मन के हमलों से ही नहीं, बल्कि युद्ध के दबाव में हो रहे हादसों से भी जूझना पड़ रहा है। 12 मार्च को इराक में एक ऑपरेशन के दौरान एक KC-135 टैंकर विमान दूसरे विमान से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस भीषण हादसे में छह अमेरिकी जांबाज अपनी जान गंवा बैठे। जांच में पाया गया कि यह किसी दुश्मन का हमला नहीं, बल्कि युद्धक परिस्थितियों में हुआ एक हादसा था। इसके अलावा, पिछले महीने एक अत्याधुनिक F-35 लड़ाकू विमान को भी ईरानी हमले की चपेट में आने के बाद मध्य पूर्व के एक बेस पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी थी, जिससे विमान को काफी नुकसान पहुंचा।
बढ़ता तनाव और भविष्य की अनिश्चितता
लगातार होते इन विमान हादसों और हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। सात विमानों का नुकसान अमेरिकी वायुसेना की रणनीतिक योजना के लिए एक बड़ा धक्का माना जा रहा है। माना जा रहा है कि ईरान की उन्नत वायु रक्षा प्रणालियां और सटीक मिसाइल हमले अमेरिका की हवाई ताकत को सीधी चुनौती दे रहे हैं। जैसे-जैसे यह संघर्ष आगे बढ़ रहा है, दोनों पक्षों की ओर से होने वाली सैन्य क्षति वैश्विक स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा बनती जा रही है।
