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अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध बंद कराने के लिए भारत पर लगाए प्रतिबंध, व्हाइट हाउस ने दिया अजीब तर्क

मेरिकी व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि भारत पर टैरिफ लगाने के पीछे ट्रंप का इरादा रूस पर अतिरिक्त दबाव डालना और क्रेमलिन को यूक्रेन संघर्ष को आगे बढ़ाने से रोकना था।

Levitte and Trump AP

अमेरिका ने भारत पर प्रतिबंध की बताई वजह (AP)

US Sanctions on India: भारत को लेकर अमेरिका का दोहरा रवैया फिर सामने आया है। भारत-पाकिस्तान संघर्ष खत्म कराने के डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर भारत ने मुहर नहीं लगाई तो वह इसकी खीज भारत पर प्रतिबंध लगातार निकाल रहे हैं। बहाना रूसी तेल आया का बनाया जा रहा है। व्हाइट हाउस के बयान से ये पूरी तरह साफ भी हो गया कि भारत क्यों निशाने पर है। व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए भारत पर प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि भारत पर टैरिफ लगाने के पीछे ट्रंप का इरादा रूस पर अतिरिक्त दबाव डालना और क्रेमलिन को यूक्रेन संघर्ष को आगे बढ़ाने से रोकना था।

रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए भारत पर प्रतिबंध

लेविट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, देखिए, राष्ट्रपति ने इस युद्ध को समाप्त करने के लिए जबरदस्त दबाव डाला है। जैसा कि आपने देखा है, उन्होंने भारत पर प्रतिबंध और अन्य कदम भी उठाए हैं। उन्होंने खुद स्पष्ट कर दिया है कि वह इस युद्ध को समाप्त होते देखना चाहते हैं, और उन्होंने दूसरों के इस विचार का मजाक उड़ाया है कि हमें किसी भी बैठक से पहले एक महीने और इंतजार करना चाहिए। राष्ट्रपति आगे बढ़ना चाहते हैं और वह इस युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा, नाटो महासचिव सहित सभी यूरोपीय नेता व्हाइट हाउस छोड़ रहे हैं और सभी इस बात पर सहमत हैं कि यह एक बेहतरीन पहला कदम है। और यह अच्छी बात है कि ये दोनों नेता एक साथ बैठेंगे, और राष्ट्रपति को भी ऐसा होने की उम्मीद है। लैविट ने आगे कहा, मैं आपको आश्वस्त कर सकती हूं कि संयुक्त राज्य अमेरिका सरकार और ट्रंप प्रशासन रूस और यूक्रेन दोनों के साथ मिलकर इस द्विपक्षीय वार्ता को संभव बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

रूस-यूक्रेन शांति प्रयास के लिए ट्रंप का प्लान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और शीर्ष यूरोपीय नेताओं की मेजबानी की। सोमवार को जल्दबाजी में बुलाई गई यह बैठक ट्रंप की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के बाद हुई है, जहां उन्होंने कहा था कि अब युद्ध खत्म करना जेलेंस्की के हाथ में है।

बैठक के बाद, नेताओं ने कहा कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक होगी। ट्रंप ने कहा कि वह पुतिन और जेलेंस्की के बीच सीधी बातचीत की व्यवस्था कर रहे हैं। हालांकि अमेरिका ने यूक्रेन को नाटो जैसी सुरक्षा गारंटी का आश्वासन दिया है, लेकिन ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि यूक्रेन की नाटो में शामिल होने और रूस से क्रीमिया प्रायद्वीप वापस पाने की उम्मीदें असंभव हैं।

ट्रंप ने भारत पर 'जुर्माना' लगाया

बता दें कि ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है, जो 27 अगस्त से लागू होगा। अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ है। ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को रूसी तेल खरीदने पर दंड बताया है। भारत ने अमेरिकी टैरिफ को अनुचित, गलत और अविवेकपूर्ण बताया है औरजोज़ोर देकर कहा है कि नई दिल्ली अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।

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अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल Author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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