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श्रीलंका: नेगोम्बो जेल में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष, मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हुई; कैदियों ने लूटे हथियार

Negombo Prison Violence: श्रीलंका के नेगोम्बो (Negombo) शहर की एक जेल में दो गुटों के बीच भड़की हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। दंगाइयों ने जेल से हथियार लूटकर सुरक्षाबलों पर हमला किया।

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श्रीलंका: नेगोम्बो जेल में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष, मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हुई; कैदियों ने लूटे हथियार (AP)

Sri Lanka Prison Riot: श्रीलंका के पश्चिमी तटीय शहर नेगोम्बो (Negombo) की एक जेल में पिछले दो दिनों से जारी कैदियों के बीच हिंसक झड़प ने विकराल रूप ले लिया है। अधिकारियों द्वारा सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस जेल हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है, जिनमें जेल के चार सुरक्षा गार्ड (Guards) भी शामिल हैं। वहीं, इस खूनी संघर्ष में 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जेल में नियंत्रण स्थापित करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए सुरक्षा बल लगातार कड़ा संघर्ष कर रहे हैं।

ओवरक्राउडिंग और 'हथियार लूटने' से भड़की हिंसा

समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) के मुताबिक, नेगोम्बो की इस क्षमता से अधिक भरी जेल में रविवार को कैदियों के दो विरोधी गुटों के बीच मामूली बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जिसने देखते ही देखते बड़े दंगे का रूप ले लिया।

हथियारों पर कब्जा: सोमवार को यह स्थिति तब और बेकाबू हो गई जब दंगा कर रहे कैदियों ने जेल के शस्त्रागार से सुरक्षाकर्मियों के बंदूक और अन्य हथियार जबरन छीन लिए।

कोलंबो रेफर किए गए घायल: समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, घायलों में कई जेल अधिकारी और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। कई पीड़ितों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए राजधानी कोलंबो के नेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

ड्रग सिंडिकेट और गुटबाजी है मुख्य वजह

जेल प्रशासन की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस भीषण हिंसा की मुख्य जड़ जेल के भीतर चल रहा ड्रग नेटवर्क है।

दो गुटों में टकराव: यह झड़प जेल के अंदर कथित तौर पर ड्रग तस्करी (Drug Trafficking) गतिविधियों को चलाने वाले एक गुट और इस अवैध धंधे का पुरजोर विरोध करने वाले दूसरे गुट के बीच वर्चस्व की लड़ाई को लेकर हुई है।

STF तैनात, कैदियों का ट्रांसफर शुरू

स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लेने के लिए श्रीलंकाई सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया है।

स्पेशल टास्क फोर्स की एंट्री: जेल परिसर और उसके आसपास पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) और दंगा नियंत्रण इकाइयों (Riot Control Units) को भारी तादाद में तैनात किया गया है।

कैदियों की शिफ्टिंग: जेल के भीतर तनाव को कम करने और दंगाइयों के नेटवर्क को तोड़ने के प्रयास के तहत सोमवार को तीन मुख्य आरोपी कैदियों को तुरंत 'पल्लनसेना जेल शिविर' (Pallansena Prison Camp) में ट्रांसफर कर दिया गया है। फिलहाल पूरी जेल को छावनी में तब्दील कर चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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