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सीजफायर गाजा में और हिंसा पाकिस्तान में! लाहौर में TLP और पुलिस के बीच झड़प, 5 की मौत, दर्जनों घायल

पाकिस्तान के लाहौर में टीएलपी और पुलिस के बीच झड़प हो गई है। टीएलपी के कार्यकर्ता इस्लामाबाद पहुंचकर अमेरिकी दूतावास के बाहर गाजा और फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने की तैयारी में थे, तभी पुलिस ने धावा बोल दिया, दोनों ओर से फायरिंग की खबर है, जिसमें कई लोग मारे गए हैं।

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पाकिस्तान में हिंसा (फोटो-AP)

पाकिस्तान भी अजीब है, शांति समझौता हमासा और इजराइल के बीच हुआ है, युद्धविराम गाजा में हुआ लेकिन विरोध प्रदर्शन लाहौर में हो रहा है। पाकिस्तान के लाहौर में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने गाजा में सीजफायर के विरोध में सड़कों पर उतरी थी, जिसके बाद पुलिस ने के साथ झड़प हुई और 10 लोग मारे गए। साथ ही दर्जनों घायल हुए हैं। पुलिस को भी नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद अधिकारियों ने लाहौर और इस्लामाबाद के आसपास की सड़कों और मोटरमार्गों को फिर से बंद कर दिया – जो रविवार को खुले थे। इस बीच, इस्लामाबाद के कुछ स्कूल भी सामान्य से पहले बंद हो गए।

6 घंटे तक चली पुलिस की कार्रवाई

पाकिस्तान की न्यूज वेबसाइड DOWN ने इस हिंसा को लेकर लिखा कि पुलिस के अनुसार, तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के प्रदर्शनकारियों को सोमवार को झड़प के बाद तितर-बितर कर दिया गया। ये प्रदर्शनकारी, अधिकारियों द्वारा खाई खोदकर इस्लामाबाद जाने वाले उनके मार्ग को अवरुद्ध करने के बाद मुरीदके में डेरा डाले हुए थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि मुरीदके से प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस की कार्रवाई सुबह 3 बजे शुरू हुई और छह घंटे तक चली।

झड़प के दौरान एसएचओ की मौत

टीएलपी ने शुक्रवार को लाहौर में अपना विरोध मार्च शुरू किया था। वो इस्लामाबाद पहुंचकर अमेरिकी दूतावास के बाहर गाजा और फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने की योजना बना रही थी। रविवार को, पाकिस्तान रेंजर्स (पंजाब) और पांच जिलों की पुलिस की बड़ी तादाद समेत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को मुरीदके भेजा गया, जहां उन्होंने टीएलपी के शिविर को घेर लिया और फिर उन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। बाद में, पंजाब पुलिस के प्रवक्ता मुबाशिर हुसैन ने कहा कि झड़प के दौरान एक पुलिस स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) शहीद हो गए। हुसैन ने बताया कि झड़प में 48 पुलिस कर्मी घायल हुए, जिनमें से 17 को गोली लगी, जबकि आठ नागरिक भी घायल हुए। उन्होंने आगे बताया कि इस घटना में एक राहगीर की भी मौत हो गई।

पाकिस्तान पुलिस ने क्या कहा

हुसैन ने कहा कि जैसे ही कानून प्रवर्तन कर्मी प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आगे बढ़े, टीएलपी सदस्यों ने उन पर पत्थरों, कीलों वाले डंडों और "पेट्रोल बमों" से हमला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में उन्होंने गोलीबारी भी की, और बताया कि गोलीबारी में कई लोगों की जान चली गई। हुसैन ने टीएलपी प्रदर्शनकारियों पर 40 सरकारी और निजी वाहनों में आग लगाने का आरोप लगाते हुए कहा, "कानून प्रवर्तन कर्मियों को अपने बचाव में सीमित कार्रवाई करनी पड़ी।" उन्होंने कहा कि पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया है। पिछले हफ्ते शुक्रवार को शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के बाद से ही अधिकारी टीएलपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रहे हैं। इस बीच, लाहौर के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) ऑपरेशन फैसल कामरान ने शनिवार को मीडिया को बताया कि विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से अब तक 112 पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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