Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान एक बार फिर आमने-सामने आ चुके हैं। शनिवार देर रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाकों में ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक की। इस हमले में 19 लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उनसे आतंकी कैंपों को निशाना बनाया है, वहीं अफगान तालिबान का कहना है कि ये हमले नागरिक ठिकानों पर किए गए हैं।
अफगान तालिबान शासन के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने X पर लिखा, 'कल रात उन्होंने नांगरहार और पत्तिका प्रांतों में हमारे नागरिकों पर बमबारी की, जिसमें महिलाएं और बच्चो सहित दर्जनों लोग शहीद और घायल हुए हैं।'अफगानिस्तान ने इस हमले का करारा जवाब देने का एलान भी कर दिया है।
आतंकवादी कैंपों और ठिकानों को निशाना बनाया
पकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने X पर एक पोस्ट में हमले की पुष्टि करते हुए पिछले सप्ताह रमजान की शुरुआत से हुए तीन हमलों का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान ने खुफिया जानकारी के आधार पर सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तान तालिबान और उसके सहयोगियों से संबंधित सात आतंकवादी कैंपों और ठिकानों को निशाना बनाया है।'

आतंकवादी कैंपों और ठिकानों को निशाना बनाया
पाकिस्तान की सेना ने हमले को सही ठहराते हुए कहा कि अफगान तालिबान शासन से बार-बार आग्रह के बाद भी वह पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आतंकवादी ग्रुप और विदेशी एजेंटों द्वारा अफगान क्षेत्र का उपयोग को रोकने के लिए उपाय करे, अफगान तालिबान शासन उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने में विफल रहा है।
पाकिस्तानी सेना ने पक्तिका प्रांत के बरमल और उरगुन जिलों के साथ-साथ नंगरहार प्रांत के खोगयानी बेहसूद और गनी खेल जिलों को टारगेट किया है।
पाक में हमले के जिम्मेदार
दरअसल, पाकिस्तान ने दावा किया है कि जिन लोगों पर हमला किया गया वो सभी इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में हुए आत्मघाती हमलों के लिए जिम्मेदार थे।

पाक में हमले के जिम्मेदार
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा, "हमारे पास ठोस सबूत हैं कि हालिया हमले अफगानिस्तान में बैठे नेतृत्व और संचालकों के इशारे पर किए गए।' उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने कई बार तालिबान सरकार से अपनी जमीन का इस्तेमाल सशस्त्र समूहों को न करने देने की अपील की, लेकिन काबुल ने 'कोई ठोस कदम नहीं उठाया।'
बता दें कि पाकिस्तान के भीतर हो रहे हमलों के लिए से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और प्रतिबंधित बलोच को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है। दोनों को अलगाववादी संगठनों माना जाता है। भले ही टीटीपी, अफगान तालिबान से अलग संगठन है, लेकिन दोनों एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं।
जिहाद एंड टेररिज्म थ्रेट मॉनिटर के अनुसार, टीटीपी ने अपनी 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में दावा किया कि उसने साल 2025 के दौरान 3,573 हमले किए। संगठन का कहना है कि इन हमलों में 3,481 पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई और 3,818 घायल हुए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकी है।
