Israel Lebanon Ceasefire: इजरायल और लेबनान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच अब 10 दिन का सीजफायर लागू हो गया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हिजबुल्लाह से शांति बनाए रखने की अपील की है।
ट्रंप ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि हिजबुल्लाह अच्छा और जिम्मेदार व्यवहार करेगा और इस मौके को शांति के लिए इस्तेमाल करेगा। उन्होंने इसे क्षेत्र में हिंसा रोकने का अहम मौका बताया।" ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अगर इस दौरान हिंसा रुकती है तो यह बहुत बड़ा मौका होगा और क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की मध्यस्थता से इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम लागू हुआ है। यह सीजफायर ऐसे समय में आया है जब दोनों पक्षों के बीच हाल ही में भारी हमले और जवाबी कार्रवाई हुई थी।
समझौते का औपचारिक हिस्सा नहीं हिजबुल्लाह
हालांकि, इस सीजफायर को लेकर अनिश्चितता भी बनी हुई है, क्योंकि हिजबुल्लाह इस समझौते का औपचारिक हिस्सा नहीं है और पहले भी संघर्ष जारी रहने के संकेत मिल चुके हैं। वहीं, नेतन्याहू ने साफ कहा है कि इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर के रेंज में "सिक्योरिटी जोन" में तैनात रहेगी यानी इजरायल फिलहाल अपनी सैन्य मौजूदगी खत्म करने के मूड में नहीं है।
सीजफायर को लेकर उठ रहे सवाल
बताया जा रहा है कि सीजफायर लागू होने से ठीक पहले दोनों पक्षों के बीच हमले हुए, जिससे यह साफ है कि हालात अभी भी नाजुक बने हुए हैं लेबनान और खासतौर पर ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह शुरू से ही यह मांग करता रहा है कि इजरायली सेना पूरी तरह पीछे हटे।
हिजबुल्लाह ने सीजफायर को मानने का संकेत तो दिया है, लेकिन उसने साफ कहा है कि लेबनान की जमीन पर किसी भी तरह की इजरायली मौजूदगी स्वीकार नहीं होगी।
