ईरान ने अपने पूर्व सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत सरकार और भारतीय लोगों का आभार जताया है। भारत में ईरानी दूतावास ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर कहा कि भारत का यह कदम दोनों देशों के बीच सदियों पुराने गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मानवीय रिश्तों को दिखाता है।
ईरानी दूतावास ने क्या कहा?
भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने अपनी पोस्ट में लिखा "ईरान के लोग भारत की इस दोस्ती, हमदर्दी और सम्मान को कभी नहीं भूलेंगे। भारत के राजनीतिक नेताओं, सांसदों, विद्वानों और विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी दोनों देशों की लंबे समय से चले आ रही गहरी दोस्ती का प्रतीक है। दुख के इस समय में भारत ने ईरान के साथ जो सहानुभूति दिखाई है, वह दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत करेगी।"
भारत की तरफ से कौन-कौन हुआ शामिल?
भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन अंतिम संस्कार में शामिल हुए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद भी तेहरान पहुंचे। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री व पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी अंतिम संस्कार में शामिल हुईं। महबूबा मुफ्ती ने तेहरान से लौटते हुए 'एक्स' पर लिखा कि दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं हमेशा ईरान के साहसी नेतृत्व और वहां के लोगों के साथ हैं। हम हमेशा आपके साथ खड़े रहेंगे।
कब हुई थी खामेनेई की मौत
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों में हुई थी। इस हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया। तेहरान में उनके अंतिम संस्कार में लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए। खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से उनके अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों में शामिल न होने की खबरें भी सामने आई हैं।
