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Esmail Qaani: खामेनेई को मरवाने वाला 'भेदिया' कौन? मौत को 9 बार दिया चकमा; विश्वासघात के आरोपों में कैसे फंसा ईरानी कमांडर

Who is Esmail Qaani: अमेरिका और इजरायल के एक संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत हो गई। इस हमले में इस्माइल कानी चमत्कारिक रूप से बच निकले, लेकिन अब वे खुद ईरान के घेरे में हैं। IRGC को शक है कि कानी ने ही इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद को खामेनेई के बंकर की सटीक लोकेशन दी थी। 'नौ जिंदगियों वाले आदमी' के नाम से मशहूर कानी पर अब विश्वासघात के आरोप लग रहे हैं और खबरें यहाँ तक हैं कि उन्हें फांसी दी जा सकती है। सुलेमानी के उत्तराधिकारी रहे कानी, जो कभी 'प्रतिरोध के अक्ष' के मास्टरमाइंड थे, अब खुद अपनी ही संस्था की पूछताछ का सामना कर रहे हैं।

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कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल इस्माइल कानी पर अय्यातुल्लाह खामेनेई को मरवाने का संदेह। AI IMAGE

Who is Esmail Qaani: 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए। अमेरिका का शुरुआती और सबसे बड़ा निशाना ईरान के सुप्रीम लीडर अय्यातुल्लाह खामेनेई थे। अमेरिकी सेना ने ढूंढकर सुप्रीम लीडर का अंत कर दिया। सुप्रीम लीडर के साथ-साथ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई लड़ाके भी मारे गए। खबर थी कि अय्यातुल्लाह खामेनेई के साथ कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल इस्माइल कानी भी थे। इसे किस्मत का नाम दें या कुछ और, लेकिन जनरल इस्माइल कानी इस हमले से बच निकले।

खबरों के मुताबिक, खामेनेई की हत्या करने वाले हमले से कुछ मिनट पहले ही कानी, घटनास्थल से निकल गया था। बताया जाता है कि इस हमले में लगभग 50 इजरायली लड़ाकू विमानों ने ईरानी नेतृत्व द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक भूमिगत बंकर को निशाना बनाया था। इस घटना ने ईरान को भी चौंका कर रख दिया। इस घटना के बाद उन्हें नजरबंद कर दिया गया। एक तरफ जहां ईरान, हर पल अमेरिका और इजरायल से लोहा ले रहा था, वहीं, इजरायल के आला अधिकारी इस्माइल कानी से पूछताछ कर रहे थे।

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कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल इस्माइल कानी की फाइल फोटो। The Times of Israel

सवाल है कि आखिर पूछताछ चल क्या रही थी। दरअसल, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ अधिकारियों का शक धीरे-धीरे यकीन में बदलने लगा था कि इस्माइल कानी का संपर्क इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद से है। वहीं, यह सवाल उठने लगे कि क्या कहीं इस्माइल कानी ने ईरान की खुफिया और अहम जानकारियां इजरायल के साथ साझा तो नहीं की हैं। वहीं, उड़ती हुई खबरें तो ये भी आ रही है कि उन्हें विश्वासघात के लिए फांसी की सजा दे दी गई है, लेकिन इस बात पर अभी तक किसी ने मुहर नहीं लगाया है।

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कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल इस्माइल कानी से जुड़ी अहम जानकारी। AI IMAGE

नौ जिंदगियों वाला आदमी

'मैन विथ नाइन लाइव्स' से कुख्यात, इस्माइल कानी ने एक, दो बार नहीं बल्कि 9 बार मौत को चकमा दिया है। अक्टूबर 2024 में कानी की मौत की खबरें सामने आई, लेकिन कुछ दिनों के बाद वो टेलीविजन पर नजर आए। ऐसे ही साल 2025 में 12 दिनों के युद्ध के दौरान, कई मीडिया आउटलेट्स ने फिर से उनकी मौत की खबर चलाई, लेकिन एक बार फिर उन्होंने टीवी पर आकर दुनिया को चौंका दिया। ऐसी ही एक और अफवाह फैली थी कि हिज्बुल्लाह नेता हाशेम सफीदीन के साथ बंकर में वो मारे गए, लेकिन ये खबर भी फर्जी निकली।

आइए अब इस्माइल कानी की जिंदगी से जुड़ी कुछ जरूरी बातों का जिक्र भी कर लें। इस्माइल कानी ईरान की सबसे शक्तिशाली और रणनीतिक सैन्य इकाई 'कुद्स फोर्स' के वर्तमान प्रमुख हैं। उन्हें जनवरी 2020 में बगदाद में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए जनरल कासिम सुलेमानी के उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था।

कानी का जन्म 1957 में ईरान के मशहद में हुआ था, और उन्होंने 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध के दौरान अपनी सैन्य साख जमाई थी। सुलेमानी के विपरीत, कानी एक बेहद 'लो-प्रोफाइल' कमांडर माने जाते हैं, जो सार्वजनिक चकाचौंध से दूर रहकर पर्दे के पीछे से रणनीति बनाना पसंद करते हैं। कानी की मुख्य जिम्मेदारी ईरान की सीमाओं के बाहर सैन्य और खुफिया ऑपरेशनों का नेतृत्व करना है, जिसमें लेबनान के हिजबुल्लाह, गाजा के हमास और यमन के हुथी जैसे समूहों के साथ समन्वय स्थापित करना शामिल है।

उन्हें ईरान के 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' (प्रतिरोध के अक्ष) का मास्टरमाइंड माना जाता है, जो मध्य पूर्व में अमेरिकी और इजरायली हितों को चुनौती देने के लिए एक नेटवर्क का संचालन करते हैं। दशकों तक सुलेमानी के डिप्टी के रूप में काम करने के कारण उन्हें संगठन के वित्तीय और प्रशासनिक ढांचे की गहरी समझ है।

हालांकि सुलेमानी को उनकी करिश्माई शख्सियत के लिए जाना जाता था, कानी को उनके कठोर अनुशासन और अंतरराष्ट्रीय मिलिशिया समूहों के बीच कुशल समन्वय के लिए पहचाना जाता है। वर्तमान में, वे मध्य पूर्व के बढ़ते तनाव और ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव को बनाए रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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