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ईरान ने 10 पॉइंट का प्रपोजल ChatGPT से लिखवाकर भेज दिया...सीजफायर के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया दावा

Iran ChatGPT 10 Point Proposal: वेंस ने कहा कि अगर ईरान लेबनान को लेकर इन बातचीत को टूटने देना चाहता है, जिससे उनका कोई लेना-देना नहीं है, तो यह आखिरकार उनकी ही मर्जी है।

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ईरान ने 10 पॉइंट का प्रपोजल ChatGPT से लिखवाकर भेज दिया...सीजफायर के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया दावा

Iran News: US के उपराष्ट्रपति JD Vance ने दावा किया है कि ईरान ने अपने 10-सूत्रीय प्रस्तावों के तीन अलग-अलग वर्शन भेजे थे, जिनमें से पहला वर्शन 'शायद ChatGPT ने लिखा था।' Vance ने कहा कि ईरान के इन तीन अलग-अलग प्रस्तावों की वजह से इस बात को लेकर भ्रम पैदा हो गया कि बातचीत का आधार क्या है।

हंगरी से रवाना होते समय उन्होंने कहा, 'पहला 10-सूत्रीय प्रस्ताव जो पेश किया गया था और सच कहूं तो हमें लगता है कि वह शायद ChatGPT ने लिखा था, उसे Steve Witkoff और Jared Kushner को सौंपा गया था, लेकिन उसे तुरंत कूड़ेदान में फेंककर खारिज कर दिया गया।'

दूसरा 10-सूत्रीय प्रस्ताव था योग्य

वेंस ने आगे कहा, 'एक दूसरा 10-सूत्रीय प्रस्ताव भी था, जो कहीं ज्यादा तर्कसंगत था और जो हमारे, पाकिस्तानियों और ईरानियों के बीच हुई आपसी बातचीत पर आधारित था। यही वह 10-सूत्रीय प्रस्ताव है जिसका जिक्र राष्ट्रपति ने कल अपने 'ट्रुथ' (Truth) में किया था।'

'मैक्सिमलिस्ट'

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव का तीसरा वर्शन पहले वाले से भी ज्यादा 'मैक्सिमलिस्ट' था और उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उस दस्तावेज के बारे में सोशल मीडिया से पता चला। जेडी वैंस ने कहा कि वह शुरुआती प्रस्ताव 'ईरान के किसी भी ऐरे-गैरे आदमी' की तरफ से आया था।

उन्होंने मीडिया कवरेज की आलोचना की। उन्होंने इस बयान को खारिज कर दिया कि ईरान ने एक बड़ी जीत हासिल कर ली है और अमेरिका को बातचीत के आधार के तौर पर अपनी 10-सूत्रीय योजना को स्वीकार करने के लिए मजबूर कर दिया है।

सीजफायर पर वैंस की राय

वैंस ने बुधवार को ईरान से आग्रह किया कि वह लेबनान पर इजरायल के हमलों की वजह से नाज़ुक सीजफायर समझौते को टूटने न दे। जैसा कि ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि लेबनान में संघर्ष-विराम मध्य-पूर्व युद्ध को खत्म करने के लिए एक मुख्य शर्त है, वैंस ने कहा कि उनका मानना है कि इसमें एक 'वास्तविक गलतफहमी' हुई थी।

वेंस ने हंगरी से निकलते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि ईरानियों को लगा था कि युद्धविराम में लेबनान भी शामिल है, लेकिन ऐसा नहीं था। हमने कभी ऐसा कोई वादा नहीं किया था। बता दें कि वेंस वहां प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन के दोबारा चुने जाने की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए दौरे पर थे।

वेंस ने कहा कि अगर ईरान लेबनान को लेकर इन बातचीत को टूटने देना चाहता है, जिससे उनका कोई लेना-देना नहीं है, और जिसके बारे में अमेरिका ने एक बार भी यह नहीं कहा कि वह संघर्ष-विराम का हिस्सा है तो यह आखिरकार उनकी ही मर्जी है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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