पाकिस्तान के दरवाजे तक पहुंचा ईरान-इजरायल युद्ध
जानकारी के अनुसार, तेहरान पर इजरायली हवाई हमलों में टॉप सैन्य कमांडरों की मौत के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने शुक्रवार को नए सैन्य प्रमुखों की नियुक्ति की। यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने दी। शुक्रवार तड़के इजरायल द्वारा तेहरान और अन्य ईरानी शहरों पर किए गए हवाई हमलों में ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बाघेरी, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर हुसैन सलामी और खात्म अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स के प्रमुख गुलाम अली राशिद मारे गए।
इस बीच, इजरायल-ईरान टकराव अब पाकिस्तान के दरवाजे तक पहुंच गया है और पूरे इलाके में तनाव चरम पर है। पाकिस्तान ने ईरान सीमा पर अपनी एयरफोर्स अलर्ट कर दी है। किसी भी मिसाइल या हमले के असर को रोकने के लिए फाइटर जेट तैनात किए गए हैं। वहीं पेंटागन ने USS Thomas Hudner सहित कई अमेरिकी विध्वंसक जहाज़ों को ईस्टर्न मेडिटेरेनियन की ओर रवाना कर दिया है। ईरान के परमाणु प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने कहा है कि इजरायल के हमले देश की न्यूक्लियर प्रोग्राम की रफ्तार नहीं रोक पाएंगे। उन्होंने दावा किया कि नतांज़ फैसिलिटी पर हुए हमलों से कोई रेडिएशन लीक नहीं हुआ है जिससे जनता को घबराने की जरूरत हो। वहीं ईरान पर बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक बुलाई है, जो आज शाम 3 बजे (न्यूयॉर्क समय) होगी। इजरायल के हमलों और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा के लिए यह आपात बैठक बुलाई गई है।
ट्रंप ने ईरान से परमाणु समझौता करने की अपील की
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से अपील की है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर वाशिंगटन के साथ एक समझौता करे और आगाह किया कि इजराइल के हमले और भी भीषण हो होते जाएंगे। शुक्रवार के हमलों के बाद, अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा कि अब भी समय है कि इस नरसंहार को रोका जाए, क्योंकि पहले से योजनाबद्ध आगामी हमले और भी भीषण होंगे।
बता दें, ईरान पर शुक्रवार तड़के इजराइल के हमला करने से कुछ ही घंटे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह उम्मीद थी कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर लंबे समय से चल रहा विवाद सैन्य कार्रवाई के बिना हल हो सकता है। अब राइजिंग लायन नामक इजराइली सैन्य अभियान शुरू हो गया है - जिसके बारे में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि यह एक निश्चित अवधि तक चलेगा। और इस तरह अन्य देशों के बीच संघर्षों से अमेरिका को अलग रखने संबंधी ट्रंप के चुनावी वादे की यह एक और परीक्षा होगी।
ट्रंप ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि मैंने ईरान को सौदेबाजी करने के लिए कई मौके दिए। मैंने कड़े शब्दों में उनसे कहा कि यह कीजिए, लेकिन चाहे उन्होंने कितनी भी कोशिश की हो, चाहे वे कितने भी करीब क्यों न पहुंच गए हों, वे इसे पूरा नहीं कर पाए। इजराइली हमले पर ट्रंप प्रशासन की पहली प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से नहीं, बल्कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से आई जो उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी हैं।
