अमेरिका और भारत के बीच घनिष्ठ साझेदारी की पुष्टि
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस के एक बयान में कहा गया कि लैंडाउ ने अमेरिका और भारत के बीच घनिष्ठ साझेदारी की पुष्टि की, जो 21वीं सदी के लिए अमेरिकी विदेश नीति का एक प्रमुख घटक है। ब्रूस ने कहा, उप मंत्री और विदेश सचिव ने क्षेत्रीय स्थिरता एवं शांति बनाए रखने की अपनी साझा इच्छा की भी पुष्टि की। ब्रूस ने कहा कि लैंडाउ ने दोनों देशों में आर्थिक विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए निष्पक्ष एवं पारस्परिक बाजार पहुंच के महत्व को रेखांकित किया तथा प्रवासन और मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई पर सहयोग बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।
वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमत
भारतीय दूतावास ने कहा कि मिसरी और लैंडाउ इस बात पर सहमत हुए कि तकनीक-व्यापार-प्रतिभा 21वीं सदी में भारत-अमेरिका साझेदारी को आकार देगी। दूतावास ने कहा कि उन्होंने नेतृत्व के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने और भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। एक्स पर एक अन्य पोस्ट में भारतीय दूतावास ने कहा कि मिसरी ने 21वीं सदी के लिए भारत-अमेरिका ‘कॉम्पैक्ट’ पर अंतर-एजेंसी चर्चा के वास्ते उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर के साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उप राष्ट्रपति जे डी वेंस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एंडी बेकर और काउंसलर माइकल नीधम ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
27-29 मई तक वाशिंगटन दौरे पर मिसरी
विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि मिसरी अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करने के लिए 27-29 मई तक वाशिंगटन का दौरा कर रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेन्द्र की फरवरी 2025 में अमेरिका यात्रा के बाद की एक अगली कड़ी है जब दोनों देशों ने ‘इंडिया-यू.एस. कॉम्पैक्ट’ (सैन्य साझेदारी, त्वरित वाणिज्य और प्रौद्योगिकी के लिए अवसरों को बढ़ावा देना) नामक एक नयी साझेदारी की शुरुआत की थी। भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मिसरी ने केसलर से मुलाकात में महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत-अमेरिका सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
