मध्य पूर्व में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष हर बीतते दिन के साथ और गंभीर होता जा रहा है। अब तक इस युद्ध में करीब 1,483 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक 1,332 मौतें ईरान में दर्ज की गई हैं,जबकि लेबनान में 123, इजराइल में 11 और इराक में 2 लोगों की जान गई है। वहीं, छह अमेरिकी जवान भी इसमें मारे गए हैं। इस बीच, ईरान ने बहरीन में अमेरिका के मिलिट्री बेस को निशाना बनाया है। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इसका दावा किया है। आईआरजीसी ने कहा है कि यह हमला नेवल सपोर्ट एक्टिविटी पर किया गया है, जो बहरीन के जफेयर में है। ये हमला तब हुआ है जब आज ही ईरानी राष्ट्रपति ने कहा था कि अगर उसके पड़ोसी अमेरिका की मदद नहीं करेंगे तो वह भी उन पर हमला नहीं करेगा।
ईरान बोला- अमेरिकी जहजों को डुबा देंगे
इस बीच, ईरान ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। ईरान के एक सैन्य प्रवक्ता ने चेताते हुए कहा कि अगर कोई भी अमेरिकी जहाज फारस की खाड़ी में दिखा तो उसे समुद्र में डुबा दिया जाएगा। ईरानी सैन्य प्रवक्ता का यह बयान तब आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे जल्द ही यूएस नेवी के जहाजों को ऑयल टैंकर की सुरक्षा के लिए जल्द ही भेजेंगे। उनके इसी बयान के विरोध में ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने यह चेतावनी दी है।
अमेरिका ने ईरानी वाटर प्लांट पर किया हमला
इस बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया है कि अमेरिका ने उसके मीठे पानी की सफाई वाले एक प्लांट को भी निशाना बनाया है। इसके चलते 30 गांवो की पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेताते हुए कहा कि किसी भी देश के बुनियादी ढांचे पर हमला बेहद खतरनाक कदम है, इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। अमेरिका ने ईरान के जिस पानी को साफ करने वाले प्लांट पर हमला किया है वो केशम आईलैंड पर है।
