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टैरिफ पर चीन-अमेरिका के बीच हुई 'डील', किन जटिल मुद्दों पर बनी सहमति, राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया

टैरिफ पर करीब दो महीने से ज्यादा समय तक बने गतिरोध के बाद ट्रंप ने दोनों देशों के रिश्ते को 'शानदार' बताया। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर ट्रंप ने कहा, 'हमें कुल 55 प्रतिशत टैरिफ मिल रहा है जबकि चीन 10 फीसद टैरिफ मिलेग। यह रिश्ता शानदार है।' हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह डील उनके और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मंजूरी के बाद पक्की मानी जाएगी।

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टैरिफ पर अमेरिका और चीन के बीच बात बनने का दावा।

Deal Between US and China : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि चीन के साथ कारोबार पर 'डील' हो गई है। इस 'डील' के मुताबिक चीन मैग्नेट और दुर्लभ खनिज संपदाओं की आपूर्ति अमेरिका को करेगा और अमेरिका इसके बदले में चीनी नागरिकों को अपने कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में दाखिला देगा। टैरिफ पर करीब दो महीने से ज्यादा समय तक बने गतिरोध के बाद ट्रंप ने दोनों देशों के रिश्ते को 'शानदार' बताया।

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर ट्रंप ने कहा, 'हमें कुल 55 प्रतिशत टैरिफ मिल रहा है जबकि चीन 10 फीसद टैरिफ मिलेग। यह रिश्ता शानदार है।' हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह डील उनके और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मंजूरी के बाद पक्की मानी जाएगी।

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दुर्लभ खनिज संपदाओं पर है चीन का नियंत्रण

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका एक समझौते के तहत चीन से मैग्नेट और दुर्लभ खनिज प्राप्त करेगा तथा चीनी वस्तुओं पर शुल्क 55 प्रतिशत होगा। एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूह ने बुधवार को कहा कि कई वैश्विक ब्रांड उन दर्जनों कंपनियों में शामिल हैं, जो अपनी चीनी आपूर्ति श्रृंखलाओं के माध्यम से जबरन मजदूरी का उपयोग करने के जोखिम में हैं, क्योंकि वे चीन के सुदूर-पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र से महत्वपूर्ण खनिजों का उपयोग करते हैं या खनिज-आधारित उत्पाद खरीदते हैं।

सैद्धांतिक रूप से सहमति बनने की घोषणा की

इससे पहले अमेरिका और चीन के वरिष्ठ वार्ताकारों ने अपनी व्यापार वार्ता को पटरी पर लाने के लिए एक रूपरेखा पर सैद्धांतिक रूप से सहमति बनने की घोषणा की है। यह घोषणा ब्रिटेन की राजधानी लंदन में दो दिन की वार्ता के अंत में की गई। यह वार्ता मंगलवार देर रात समाप्त हुई। दो दिन चलीं बैठकें खनिज एवं प्रौद्योगिकी निर्यात पर विवादों को हल करने का तरीका खोजने पर केंद्रित थीं जिससे पिछले महीने जिनेवा में व्यापार पर हुए नाजुक समझौते को हिला दिया था। यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका के साथ चीन के बड़े व्यापार अधिशेष पर अधिक बुनियादी मतभेदों पर कोई प्रगति हुई या नहीं।

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आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव Author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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