क्रेडिट कार्ड कंपनियों पर ट्रंप के तेवर सख्त, ब्याज दरों पर 10% लिमिट का ऐलान! बोले- जनता को लुटने नहीं देंगे
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Jan 10, 2026, 11:15 PM IST
Credit Card Interest Rates: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्रेडिट कार्ड कंपनियों पर सख्ती दिखाते हुए भारी ब्याज दरों के खिलाफ बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। उन्होंने अपने चुनावी वादे को दोहराते हुए साफ किया कि वह क्रेडिट कार्ड कंपनियों द्वारा 20 से 30 फीसदी तक ब्याज वसूलकर अमेरिकी जनता को लूटने की अनुमति नहीं देंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो साभार: AP)
Credit Card Interest Rates: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्रेडिट कार्ड कंपनियों पर सख्ती दिखाते हुए भारी ब्याज दरों के खिलाफ बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। उन्होंने अपने चुनावी वादे को दोहराते हुए साफ किया कि वह क्रेडिट कार्ड कंपनियों द्वारा 20 से 30 फीसदी तक ब्याज वसूलकर अमेरिकी जनता को लूटने की अनुमति नहीं देंगे। ट्रंप ने 20 जनवरी से एक साल के लिए ब्याज दरों पर 10 फीसदी की सीमा लगाने का प्रस्ताव रखा है।
ट्रंप ने क्या कुछ कहा?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि क्रेडिट कार्ड कंपनियां 20% से 30% तक ब्याज ले रही हैं। उन्होंने इसे जनता को 'लूटने वाला सिस्टम' बताया। ट्रंप ने इसके लिए पिछली सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उनकी योजना परिवारों के खर्च को कम करने के लिए है।
उन्होंने कहा कि 20 जनवरी से उनकी सरकार क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरों पर एक साल के लिए 10 फीसदी की सीमा लगाने की कोशिश करेगी। साथ ही कहा कि यह तारीख व्हाइट हाउस में उनकी वापसी की पहली सालगिरह होगी, जिसे उन्होंने 'ऐतिहासिक और बहुत सफल' बताया। ट्रंप ने कहा कि इस योजना से क्रेडिट कार्ड कंपनियां ज्यादा ब्याज नहीं वसूल पाएंगी। उन्होंने कहा कि ज्यादा ब्याज दरों से खासकर कामकाजी परिवारों को नुकसान होता है, जो रोजमर्रा के खर्च के लिए क्रेडिट कार्ड पर निर्भर रहते हैं।
हालांकि, ट्रंप के इस प्रस्ताव का वॉल स्ट्रीट और क्रेडिट कार्ड कंपनियों द्वारा कड़ा विरोध किए जाने की संभावना है। ये वही कंपनियां हैं जिन्होंने 2024 के ट्रंप के चुनाव अभियान और उनके दूसरे कार्यकाल की योजनाओं के लिए भारी चंदा दिया था। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ब्याज दरों को 10 फीसदी तक सीमित कर दिया जाए तो अमेरिकियों को ब्याज में हर साल करीब 100 अरब डॉलर तक की बचत हो सकती है।