सीनेट में बेहतर प्रदर्शन करने में डेमोक्रेट्स कामयाब हुए हैं। इसका अर्थ यह है कि मिड टर्म इलेक्शन में रिपब्लिकन यानी ट्रंप की पार्टी को झटका लगा है। सीनेट में जीत हासिल करने के बाद जो बाइडेन की पहली प्रतिक्रिया भी आ चुकी है।अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा कि वह मध्यावधि चुनावों में मतदान से बेहद प्रसन्न हैं और कहा कि रिपब्लिकन पार्टी को अब यह तय करने की आवश्यकता होगी कि वे कौन हैं।
सीनेट में अब डेमोक्रेट्स आगे
डेमोक्रेट्स के पास अब रिपब्लिकन की 49 सीटों के मुकाबले 50 सीनेट सीटें हैं। जो बिडेन ने कहा कि उनका ध्यान जॉर्जिया सीनेट की दौड़ पर है। सीनेट का नियंत्रण बनाए रखना जो बिडेन के लिए एक बड़ा बढ़ावा है क्योंकि यह व्हाइट हाउस में अपने पहले कार्यकाल के शेष दो वर्षों के एजेंडे को निर्धारित करेगा।डेमोक्रेट्स के पास जो बिडेन के न्यायिक उम्मीदवारों की पुष्टि करने की क्षमता होगी - 2016 में एक पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का सामना करने वाले परिदृश्यों से बचना, जब तत्कालीन सीनेट के प्रमुख नेता मिच मैककोनेल ने अपने सर्वोच्च न्यायालय के उम्मीदवार मेरिक गारलैंड पर वोट देने से इनकार कर दिया था। सीनेट डेमोक्रेट भी सदन द्वारा पारित विधेयकों को अस्वीकार करने में सक्षम होंगे और अपना एजेंडा निर्धारित कर सकते हैं।
15 नवंबर को ट्रंप करने वाले हैं बड़ा ऐलान
नेवादा में जीत हासिल करने के बाद डेमोक्रेट्स की संख्या 50 हो जाएगी। अभी तक वो रिपब्लिकन से पीछे थे। इसी तरह से यदि 6 दिसंबर को जॉर्जिया में होने वाले चुनाव में डेमोक्रेट्स सीनेटर राफेल वार्नोक रिपब्लिकन कैंडिडेट हर्शल वाकर को हराने में कामयाब होते हैं तो सीनेट में आंकड़ा 51-49 का हो जाएगा। अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन के जरिए ऊपरी और निचले सदनों के लिए सदस्यों का चुनाव किया जाता है। अमेरिका जो इस समय अलग अलग समस्याओं का सामना कर रहा है उसमें यह चुनाव अहम माना जा रहा था। इस समय अमेरिका में महंगाई भी चरम पर है। गर्भपातस अपराध और इमिग्रेशन जैसे मुद्दे भी छाए रहे। इस तरह की तस्वीर के बीच डेमोक्रेट्स की जीत जो बाइडेन के लिए अहम माना जा रहा है।
