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Strait of Hormuz: खतरे से खाली नहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, समुद्र में IRGC ने बिछा रखी हैं बारूदी सुरंगें, मिले संकेत

Strait of Hormuz : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बारूदी सुरंगों के खतरे से खाली नहीं है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने युद्ध के दौरान के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछा दीं।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के समुद्र में बारूदी सुरंगें होने की आशंका।

Photo : AP

Strait of Hormuz : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बारूदी सुरंगों के खतरे से खाली नहीं है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने युद्ध के दौरान के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछा दीं। ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसियों के गुरुवार को प्रकाशित एक चार्ट से संकेत मिलता है कि देश के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं।

'ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम’ पर 'खतरे का क्षेत्र' अंकित

यह रिपोर्ट आईएसएनए समाचार एजेंसी और तस्नीम से आई, जिसे रिवोल्यूशनरी गार्ड की करीबी माना जाता है। चार्ट में जहाजों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मार्ग 'ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम’ पर फारसी भाषा में 'खतरे का क्षेत्र' अंकित किया गया एक बड़ा घेरा दिखाया गया है। इसी क्षेत्र में रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा कथित तौर पर बारूदी सुरंगें बिछाई गईं। चार्ट के अनुसार, जहाजों को लारक द्वीप के निकट ईरान की मुख्यभूमि के करीब उत्तरी मार्ग से गुजरने का सुझाव दिया गया, जिसका युद्ध के दौरान कुछ जहाजों ने पालन भी किया।

सुरंगों को हटाया है या नहीं, यह साफ नहीं

इस चार्ट में 28 फरवरी से लेकर बृहस्पतिवार (नौ अप्रैल) तक की अवधि दर्शाई गई है। यह स्पष्ट नहीं है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने उक्त मार्ग में बिछाई गई कथित सुरंगों को हटाया है या नहीं। माना जा रहा है कि यह कदम ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच संभावित वार्ता से पहले दो सप्ताह के युद्धविराम के दौरान दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर उठाया गया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज किया बंद

इससे पहले रिपोर्ट आई कि लेबनान में ईरान समर्थित उग्रवादी समूह हिजबुल्ला के खिलाफ इजराइल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को एक बार फिर बंद कर दिया। इस बीच, अमेरिका ने ईरान से वैश्विक तेल परिवहन के लिए अहम इस जलमार्ग को तत्काल फिर से खोलने की मांग की। लेबनान पर इजराइली हमलों के जवाब में ईरान की कार्रवाई से यह संदेह पैदा हो गया है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच हुआ "नाजुक" युद्ध-विराम समझौता बरकरार रह पाएगा या नहीं।

दो हफ्ते के युद्ध विराम पर बनी सहमति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरानी सभ्यता को मिटा देने की धमकियों से अंतिम समय में पीछे हटने के बाद ईरान, अमेरिका और इजराइल बुधवार को दो हफ्ते के युद्ध विराम पर सहमत हो गए। हालांकि, समझौते की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही इजराइल ने बिना किसी चेतावनी के मध्य बेरूत के घनी आबादी वाले कई आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों पर हवाई हमले किए।

(एजेंसी इनपुट)

Alok Rao
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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