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Canada को होना चाहिए USA का 51वां राज्य, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर उठाया ये मुद्दा

Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर कनाडा को 51वां राज्य बनाने का मुद्दा उठाया। ट्रंप ने कहा कि कनाडा के लोगों को यह विचार बहुत दिलचस्प लगा है। कुछ हफ़्ते पहले कनाडा के बारे में यह बहुत जोरदार तरीके से कहा गया था और लोग हंसे थे और अब वे सभी कह रहे हैं अच्छा, यह बहुत दिलचस्प है।

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अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा को फिर दिखाई आंख

Photo : ANI

Donald Trump: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर कनाडा को 51वां राज्य बनाने का मुद्दा उठाया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कनाडा पर आखिरकार टैरिफ कैसे लगाए जाएंगे और कनाडा से अमेरिका को होने वाले भारी घाटे की ओर ध्यान दिलाया। फ्लोरिडा के पाम बीच से बोलते हुए ट्रंप ने कनाडा को 51वां राज्य बनाने का औचित्य देते हुए कहा कि मैंने उन्हें गवर्नर ट्रूडो इसलिए बुलाया क्योंकि कनाडा को वास्तव में अमेरिका 51वां राज्य होना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि यह एक बेहतरीन राज्य होगा। और कनाडा के लोग इसे पसंद करते हैं। वे कम कर देते हैं। उनके पास लगभग कोई सेना नहीं है। उनके पास बहुत छोटी सेना है। वे 1 प्रतिशत से भी कम कर देते हैं। वे नाटो में सबसे कम करदाता हैं। उन्हें बहुत अधिक कर देना चाहिए। वे बहुत अधिक कर नहीं दे रहे हैं। उनके पास बहुत सारी समस्याएं हैं।

हम कनाडा पर लगा सकते है टैरिफ- ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि कनाडा के लोगों को यह विचार बहुत दिलचस्प लगा है। कुछ हफ़्ते पहले कनाडा के बारे में यह बहुत जोरदार तरीके से कहा गया था और लोग हंसे थे और अब वे सभी कह रहे हैं अच्छा, यह बहुत दिलचस्प है। अमेरिकी दृष्टिकोण को उचित ठहराते हुए ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के दृष्टिकोण से हम कनाडा को सब्सिडी दे रहे हैं। प्रति वर्ष 200 और 250 बिलियन अमेरिकी डॉलर। उन्होंने हमारे कार व्यवसाय का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा ले लिया है। मैं इसे यहीं करना पसंद करूंगा। हम उन पर टैरिफ लगा सकते हैं। हमने अभी तक उन पर टैरिफ नहीं लगाया है, लेकिन ऐसा होगा।

ट्रूडो ने कहा हम अमेरिका को देंगे जवाब

वहीं जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि अगर आने वाले दिनों में अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी को साकार रूप देते हैं तो उनकी सरकार भी इसका जवाब देगी। ट्रूडो ने कहा कि हम इसका जवाब देंगे, जैसे हमने कुछ साल पहले किया था, जब ट्रंप ने स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ लगाया था। हमने हेंज केचप, ताश के पत्ते, बॉर्बन, हार्ले डेविडसन और ऐसी अन्य चीजों पर टैरिफ लगाकर इसका जवाब दिया, जो अमेरिकी श्रमिकों को नुकसान पहुंचाती थीं। उन्होंने कहा कि ट्रंप एक बहुत अच्छे वार्ताकार हैं। टैरिफ के असर को कम करने के लिए कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात का इस्तेमाल कर रहे हैं। ट्रूडो ने कहा कि अमेरिकी उपभोक्ता जो भी कनाडा से खरीदेंगे, वह अचानक बहुत महंगा हो जाएगा और यह एक ऐसी बात है जिस पर हमें ज्यादा ध्यान देना चाहिए। स्थानीय मीडिया ने बताया कि कनाडाई अधिकारी अमेरिकी उत्पादों की एक सूची तैयार कर रहे हैं, जिन पर जवाबी शुल्क लगाया जाएगा, क्योंकि कनाडा को अमेरिकी शुल्कों का जवाब देना पड़ा।

बता दें, ट्रंप ने कहा था कि संयुक्त राज्य अमेरिका में आयात होने वाली सभी कनाडाई वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है। इससे पहले अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका को मिलाने के लिए इकोनॉमिक फोर्स यानि आर्थिक ताकत का इस्तेमाल करने की बात कही थी। ट्रंप कनाडा को अक्सर 51वां राज्य कहते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सुझाव के समर्थन में अमेरिका द्वारा प्रदान की गई सैन्य सहायता और दोनों देशों के बीच व्यापार घाटे जैसे कारणों का हवाला दिया। ट्रंप ने मंगलवार को फ्लोरिडा में मार-ए-लागो निवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर कनाडा को खुली चुनौती दी थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि आप उस कृत्रिम रूप से खींची गई रेखा से छुटकारा पा लें और देखें कि वह कैसी दिखती है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बेहतर होगा। उन्होंने कहा था कि कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच यह वास्तव में एक बड़ी बात होगी। हम अच्छे पड़ोसी रहे हैं, लेकिन हम हमेशा ऐसा नहीं कर सकते।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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