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तो सबसे पहले भारतीय साड़ी जलाओ....'बायकॉट इंडिया' मुहिम चलाने वालों पर शेख हसीना का पलटवार

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 2, 2024, 08:04 AM IST

शेख हसीना और उनकी अवामी लीग पार्टी के विरोधियों ने उन्हें भारत समर्थक करार देने की कोशिश में हैं और इनका दावा है कि भारत ने उन्हें जनवरी में हुए चुनाव जीतने में मदद की।

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शेख हसीना का विपक्ष पर हमला

Sheikh Hasina: इन दिनों बांग्लादेश में विपक्षी नेता भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। भारत के साथ घनिष्ठ संबंध रखने वाली शेख हसीना ने लगातार चौथी बार चुनाव जीतने पर विपक्षी दल की कुंठा और बढ़ गई है। अब महीनों से खामोश बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना 'भारत का बहिष्कार' अभियान को लेकर विपक्ष पर हमलावर हो गई हैं। हसीना को साड़ी बहुत पसंद है और वह इसका इस्तेमाल अपने प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला करने के लिए कर रही हैं।

अवामी लीग बनाम बीएनपी

हसीना और उनकी अवामी लीग पार्टी के विरोधियों ने उन्हें भारत समर्थक करार देने की कोशिश में हैं और इनका दावा है कि भारत ने उन्हें जनवरी में हुए चुनाव जीतने में मदद की। विपक्षी दलों ने बांग्लादेश के लोगों से भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील करते हुए एक अभियान शुरू किया है। इस मुद्दे के गरमाने पर महीनों तक चुप रहने के बाद हसीना ने बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेताओं पर हमला बोला और 'भारत का बहिष्कार अभियान' को लेकर पलटवार किया है।

शेख हसीना ने जनवरी में भारी जीत दर्ज की

जनवरी के चुनावों में भारी जीत के बाद सत्ता में आईं हसीना ने बीएनपी नेताओं को नसीहत देने के लिए साड़ी का इस्तेमाल किया, जो सोशल मीडिया पर भारतीय उत्पादों के बहिष्कार अभियान का समर्थन कर रहे हैं। शेख हसीना ने कई उदाहरण देकर भारत की महान मित्र के रूप में सराहना की है। हसीना ने पूछा- उनकी (बीएनपी नेता की) पत्नियों के पास कितनी भारतीय साड़ियां हैं? ढाका में अवामी लीग कार्यालय में कुछ लोगों के बीच हसीना ने हल्के-फुल्के अंदाज में पूछा, बीएनपी नेता भारतीय उत्पादों का बहिष्कार कर रहे हैं। वे अपनी पत्नियों को क्यों नहीं ले जा रहे हैं?

साड़ियों के प्रति शेख हसीना का प्रेम

साड़ियों के प्रति अपने प्रेम और उन्हें भारतीय नेताओं को उपहार में देने के लिए पहचानी जाने वाली हसीना ने विपक्षी नेताओं के सामने साड़ी चुनौती रखी। उन्होंने हमला शुरू करते हुए कहा, जब वे अपनी पत्नियों की भारतीय साड़ियां अपने पार्टी कार्यालय के सामने जलाएंगे, तभी यह साबित होगा कि वे असल में भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि बीएनपी नेता और उनकी पत्नियां भारत से साड़ियां खरीदकर बांग्लादेश में बेचती थीं। हसीना ने आरोप लगाया, जब बीएनपी सत्ता में थी, मैंने उनके नेताओं की पत्नियों को समूहों में भारतीय साड़ियां खरीदने के लिए भारत आते देखा था। वे बांग्लादेश में साड़ियां बेचती थीं।

सिर्फ भारतीय साड़ी ही नहीं, भारतीय मसाले भी मशहूर

शेख हसीना ने सिर्फ भारतीय साड़ी का जिक्र नहीं किया। उन्होंने विपक्षियों पर "भारतीय मसाले" भी छिड़के। 27 मार्च को उन्होंने कहा, मेरा एक और सवाल है। हम भारत से गरम मसाला, प्याज, लहसुन, अदरक और कई अन्य चीजें आयात कर रहे हैं। वे (बीएनपी नेता) भारतीय मसालों के बिना खाना क्यों नहीं बनाते? उन्हें इनके बिना खाना बनाना और खाना चाहिए।

बांग्लादेश में भारत का बहिष्कार अभियान

'बॉयकॉट इंडिया' अभियान पर हंगामा ऑनलाइन ठीक उसी तरह बढ़ गया, जिस तरह मालदीव के 'इंडिया आउट' मामले में हुआ था। हसीना की जीत के बाद फरवरी में भारतीय सामान के विरोध की कुछ घटनाएं सामने आईं। ढाका के बाजार, जो आम तौर पर भारतीय उत्पादों से भरे रहते थे, उन्हें नई डिलीवरी लेने से मना कर दिया गया। खाना पकाने का तेल, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, प्रसाधन सामग्री, सौंदर्य प्रसाधन और कपड़े जैसे भारतीय उत्पादों की बिक्री में गिरावट देखी गई।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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