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ईरान के खोमेन में बॉयज स्कूल आया अमेरिका-इजराइल हमले की जद में, हुआ बड़ा नुकसान: रिपोर्ट्स

अधिकारी ने बताया कि कोई हताहत नहीं हुआ, हालांकि स्कूल के पास के कई घरों को नुकसान पहुंचा है। ऑनलाइन प्रसारित हो रही तस्वीरों को ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने अपने टेलीग्राम चैनल पर भी साझा किया।

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ईरान युद्ध में व्यापक तबाही (File photo)

Photo : AP

Iran And US-Israel War: ईरान के एक और स्कूल पर अमेरिकी-इजराइली हमले का दावा किया जा रहा है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान के खोमीन शहर में तड़के एक स्कूल पर हमला हुआ है। फार्स समाचार एजेंसी ने बताया कि शाहिद खोमेनी बॉयज स्कूल को सुबह-सुबह निशाना बनाया गया, जिसे उसने अमेरिका-इजरायल का हमला बताया। साइट द्वारा प्रकाशित तस्वीरों में इमारत के एक हिस्से को व्यापक नुकसान दिखाया गया है।

खोमीन के एक स्कूल पर हमले की खबर

बाद में मेहर समाचार एजेंसी ने मरकजी प्रांत के एक उप राज्यपाल के हवाले से खोमीन के एक स्कूल पर हमले की पुष्टि की। अधिकारी ने बताया कि कोई हताहत नहीं हुआ, हालांकि स्कूल के पास के कई घरों को नुकसान पहुंचा है। ऑनलाइन प्रसारित हो रही तस्वीरों को ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने अपने टेलीग्राम चैनल पर भी साझा किया। संगठन ने फ़ार्स द्वारा पहले जारी की गई तस्वीरों को पोस्ट किया और उनके साथ एक संक्षिप्त कैप्शन दिया: खोमीन के एक स्कूल पर हवाई हमला।

28 फरवरी को गर्ल्स स्कूल पर हुआ था हमला

लड़कों के स्कूल पर यह हमला ईरान के मीनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर हमले के कुछ ही दिनों बाद हुआ है। 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान - ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के शुरुआती घंटों के दौरान शजारेह तैय्येबेह गर्ल्स स्कूल पर हमला हुआ था। ईरान के होर्मोजगान प्रांत के मीनाब शहर के पास इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) परिसर में स्थित इमारतों के एक समूह पर कुछ मिसाइलें दागी गईं, जिनमें एक अमेरिकी टॉमाहॉक मिसाइल भी शामिल थी। इस हमले में स्कूल की इमारत के साथ-साथ आसपास की कई अन्य इमारतें भी नष्ट हो गईं।

अमेरिकी सेना को जिम्मेदार ठहराया गया

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अली बहरेनी ने बताया कि इस हमले में 150 छात्राएं मारी गईं। ईरानी रेड क्रिसेंट ने मृतकों की संख्या 175 बताई है। अधिकांश स्वतंत्र जांचों में इस हमले के लिए अमेरिकी सेना को जिम्मेदार ठहराया गया है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, पुरानी खुफिया जानकारी भी इसमें भूमिका निभा सकती है। पेंटागन ने स्कूल की ऑनलाइन उपस्थिति या उपग्रह तस्वीरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, लेकिन कहा है कि घटना की जांच चल रही है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में जांच से परिचित सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि मीनाब को लक्ष्य के रूप में चुनने के लिए पुराने आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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