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PM Modi Europe Visit: PM मोदी से गर्मजोशी से मिले राष्ट्रपति मैक्रों, नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे आपसी रिश्ते

PM Narendra Modi Europe Visit: तीन यूरोपीय देशों के दौरे के अंतिम पड़ाव में पीएम नरेंद्र मोदी पेरिस पहुंच गए हैं। वो यहां नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मैक्रॉ से मिलेंगे। इससे पहले जर्मनी और डेनमार्क की यात्रा में उन्होंने दो बड़ी बातें कहीं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत हिंसा में भरोसा नहीं करता है, हम तो पौधों में भी परमात्मा को मानते हैं। इसके साथ कहा कि जलवायु को हुए नुकसान में भारत की हिस्सेदारी न्यूनतम है।

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलटाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलUpdated May 4, 2022, 23:55 IST
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PM Modi Europe Visit: PM मोदी से गर्मजोशी से मिले राष्ट्रपति मैक्रों, नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे आपसी रिश्ते

PM Narendra Modi Europe Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडेरिक्सेन से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के तमाम मुद्दों सहित क्षेत्रीय और वैश्विक हित के विषयों पर विस्तार से चर्चा की।यूरोप के तीन देशों की यात्रा पर गए मोदी अपनी यात्रा के दूसरे चरण में जर्मनी से यहां पहुंचे। डेनिश प्रधानमंत्री फ्रेडेरिक्सेन ने डेनमार्क में अपने आधिकारिक आवास मारियनबोर्ग पहुंचने पर मोदी की अगवानी की।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘‘कोपनहेगन में मित्रता को मजबूत करने के उद्देश्य से बातचीत।विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बताया कि दोनों नेताओं ने आमने-सामने बैठककर बातचीत की।बैठक के बारे में जानकारी देते हुए क्वात्रा ने पत्रकारों को बताया, ‘‘दोनों प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय तथा वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।यूक्रेन संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी डेनमार्क (यूरोप) की यात्रा पर हैं और इस वक्त लगभग पूरा यूरोप इस मुद्दे पर रूस के खिलाफ एकजुट है।

MAY 04, 2022 23:25 IST

'नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे भारत-फ्रांस के रणनीतिक रिश्ते' 

राष्ट्रपति मैक्रों के साथ पीएम मोदी के मुलाकात की तस्वीरें विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने भी शेयर किया है। बागची ने लिखा है कि भारत-फ्रांस के रणनीतिक रिश्ते को एक नई ऊंचाई देने का यह अवसर है।  

MAY 04, 2022 23:08 IST

PM मोदी से गर्मजोशी से मिले राष्ट्रपति मैक्रों, अब होगी उच्च स्तरीय वार्ता

पीएम मोदी फ्रांस की राजधानी पेरिस में हैं। उनकी मुलाकात फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से हुई है। मैक्रों ने पीएम मोदी को गर्मजोशो से स्वागत किया है। राष्ट्रपति आवास में खुद मैक्रों एवं उनकी पत्नी ने पीएम मोदी की अगवानी की। दोनों नेताओं ने एक दूसरे को गले लगाया। इसके बाद वे राष्ट्रपति भवन के अंदर गए। दोनों नेताओं के बीच वार्ता होनी है।
MAY 04, 2022 22:25 IST

भारतीय समुदाय ने पीएम का स्वागत किया

फ्रांस पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत हुआ है। पेरिस में भारतीय समुदाय के लोग उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब दिखाई दिए। पीएम ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया और कुछ लोगों को ऑटोग्राफ दिए। 

MAY 04, 2022 21:20 IST

फ्रांसी की राजधानी पेरिस पहुंचे PM मोदी, मैक्रों से होगी मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्डिक देशों की यात्रा के बाद फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंच गए हैं। यहां उनकी मुलाकात फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से होगी। पीएम यूरोप के तीन देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में हैं।
MAY 04, 2022 18:19 IST

फ्रांस के लिए रवाना हुए पीएम मोदी

नॉर्डिक देशों की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के लिए रवाना हो गए हैं। यहां पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच होने वाली मुलाकात पर सभी की नजरें टिकी हैं। 

MAY 04, 2022 18:14 IST

काफी फलदायी रही डेनमार्क की यात्रा

पीएम ने अपनी डेनमार्क के बारे में ट्वीट किया है। उन्होंने बताया कि उनकी डेनमार्क यात्रा काफी फलदायी रही है। यहां कूटनीतिक बैठकों का दौर चला और भारतीय समुदाय के साथ बातचीत के अलावा सांस्कृतिक एवं कारोबारी रिश्तों को और मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई। वह पीएम फ्रेडरिकसेन एवं डेनमार्क के लोगों को धन्यवाद देते हैं। 

MAY 04, 2022 17:33 IST

नॉर्डिक देशों के नेताओं से मिले पीएम मोदी

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्डिक देशों के नेताओं से मुलाकात हुई है। वह फिनलैंड की पीएम सना मरीन से भी मिले हैं। दोनों नेताओं ने कारोबार एवं निवेश में आपसी सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की। पीएम मोदी की आज डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे एवं स्वीडन की नेताओं से हुई मुलाकात में व्यापक मुद्दों पर चर्चा हुई। 

MAY 04, 2022 16:10 IST

स्वीडन की प्रधानमंत्री से मिले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन की प्रधानमंत्री मैगडेलिना एंडरसन के साथ अपनी मुलाकात की एक तस्वीर ट्वीट की है। पीएम ने कहा कि एंडरसन के साथ सुरक्षा, आईटी, रिसर्च एवं इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग और मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई। दोनों देशों के मजबूत संबंधों से हमारे लोगों को लाभ मिलेगा।
MAY 04, 2022 14:55 IST

स्वीडन के पीएम से भी मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को यहां स्वीडन की प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के तरीकों और संयुक्त कार्य योजना में प्रगति पर चर्चा की।प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘‘स्वीडन के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्वीडन की प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन ने भारत-स्वीडन दोस्ती में और अधिक विविधता लाने पर व्यापक बातचीत की।’’तीन यूरोपीय देशों की यात्रा के दूसरे चरण में बर्लिन से मंगलवार को यहां पहुंचे मोदी ने डेनमार्क की राजधानी में दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के इतर एंडरसन से मुलाकात की।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ‘‘नवाचार, प्रौद्योगिकी और निवेश पर स्थापित एक साझेदारी। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडिश प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। संयुक्त कार्य योजना की प्रगति की समीक्षा की।’’

MAY 04, 2022 14:54 IST

'नार्वे और भारत एक साथ मिलकर बढ़ सकते हैं और आगे'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को यहां नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों और विकास संबंधी सहयोग को प्रगाढ़ बनाने के तरीकों पर व्यापक चर्चा की।तीन यूरोपीय देशों की यात्रा के दूसरे चरण में मंगलवार को बर्लिन से यहां पहुंचे मोदी ने डेनमार्क की राजधानी में दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के इतर स्टोर से मुलाकात की।प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जोनास गह स्टोर ने कोपेनहेगन में मुलाकात की। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों और विकास संबंधी सहयोग को प्रगाढ़ बनाने के तरीकों पर व्यापक चर्चा की।''

बाद में, मोदी डेनमार्क, आइसलैंड, फिनलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के प्रधानमंत्रियों के साथ दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां वे 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद से हुए सहयोग की समीक्षा करेंगे।मोदी ने आज के अपने कार्यक्रमों के शुरू होने से पहले ट्वीट किया, ''आज के एजेंडे में भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन और नॉर्डिक नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता शामिल है जिसके बाद मैं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ बातचीत करने के लिए पेरिस के लिए रवाना हो जाऊंगा।''

MAY 04, 2022 12:34 IST

नरेंद्र मोदी और मैक्रॉ के बीच अहम बातचीत की उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों बुधवार को अपनी बैठक के दौरान यूक्रेन संकट के वैश्विक आर्थिक परिणामों को कम करने के साथ-साथ युद्धग्रस्त देश (यूक्रेन) में शत्रुता को समाप्त करने के तरीकों पर चर्चा कर सकते हैं। यह जानकारी राजनयिक सूत्रों ने दी।मोदी वर्तमान में डेनमार्क की यात्रा पर हैं, वह अपनी वापसी के दौरान पेरिस में कुछ समय के लिए रुकेंगे, जहां वह राष्ट्रपति मैक्रों के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। मैक्रों एक सप्ताह पहले फ्रांस में राष्ट्रपति पद के लिए फिर से निर्वाचित हुए हैं।

सूत्रों ने कहा कि चर्चा इस विषय पर भी केंद्रित होगी कि रक्षा निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की भारत की आकांक्षा में फ्रांस कैसे भारत का ‘‘पसंदीदा साझेदार’’ बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि वार्ता प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के तरीकों का भी पता लगाएगी।सूत्रों ने कहा कि दोनों नेता इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि यूक्रेन में शत्रुता की समाप्ति कैसे सुनिश्चित की जाए और इस संघर्ष के वैश्विक आर्थिक परिणामों को कैसे कम किया जाए। उन्होंने कहा कि वार्ता में क्षेत्र हिंद-प्रशांत में चुनौतियों से एकजुट होकर निपटने पर भी जोर दिया जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि उम्मीद है कि मोदी और मैक्रों क्षेत्र में 'समाधान के सकारात्मक एजेंडे' को तेज करने के तरीके भी तलाशेंगे। एक राजनयिक सूत्र ने कहा, ‘‘यह यात्रा राष्ट्रपति मैक्रों के फिर से चुने जाने के तुरंत बाद हो रही है, इसे विश्वास और दोस्ती के एक असाधारण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।’’सूत्रों ने कहा कि चुनावी जीत के कुछ दिनों बाद मैक्रों से मोदी की मुलाकात बेहद प्रतीकात्मक है। सूत्रों ने कहा कि यह एक मजबूत संकेत देता है कि दोनों नेता आने वाले वर्षों के लिए भारत-फ्रांस साझेदारी को अपनी विदेश नीति का मार्गदर्शक सिद्धांत बनाना चाहते हैं।

MAY 04, 2022 12:33 IST

'जलवायु के नुकसान में भारत की भूमिका नगण्य'

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि पृथ्वी के दोहन में भारत की कोई भूमिका नहीं है, लेकिन यह इसे बचाने के प्रयासों में सबसे आगे है, जो देश के हर व्यक्ति द्वारा किए गए प्रयासों से समर्थित है।मोदी ने यहां भारतीय समुदाय कोसंबोधित करते हुए अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों, ग्लासगो में सीओपी-26 जलवायु शिखर सम्मेलन में भारत द्वारा जताई गई प्रतिबद्धताओं के बारे में विस्तार से बात की।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत अपने जलवायु कार्यों को पूरा करने में सक्षम रहा है, क्योंकि अन्य देशों के विपरीत, जो ग्रह को बचाने की सारी जिम्मेदारी बहुपक्षीय संगठनों पर डालते हैं, हम इसे प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं कि वह दुनिया को बचाने के लिए अपना योगदान दे।’’

यहां बेल्ला सेंटर में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करने के लिए मोदी को आमंत्रित करने से पहले डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने उनका परिचय एक ‘‘मित्र’’ के रूप में कराया।डेनमार्क में भारतीय समुदाय के 1,000 से अधिक सदस्यों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया जिनमें छात्र, शोधकर्ता, पेशेवर और व्यवसायी शामिल थे।मोदी ने प्रवासी भारतीयों को वहां भारत का राजदूत बताया और उनमें से प्रत्येक से कम से कम पांच गैर-भारतीय मित्रों को भारत की यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने पर्यटन क्षेत्र को फिर से जीवंत करना होगा। आपके प्रयासों से, जब आप अपने पांच गैर-भारतीय मित्रों को हमारे देश का दौरा करने में मदद करेंगे, तो कुछ वर्षों में, केवल एक ही गंतव्य होगा, वह है 'चलो इंडिया'।’’जलवायु कार्रवाई पर, मोदी ने कहा कि भारत ने 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन हासिल करने का लक्ष्य रखा है और वह उन कुछ देशों में से एक है जो अपने जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने में सक्षम हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘भारत ने 2030 तक अपनी ऊर्जा जरूरतों का 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन से प्राप्त करने की प्रतिबद्धता जतायी थी। हमने नौ साल पहले उस लक्ष्य को हासिल कर लिया है।’’
 

MAY 04, 2022 12:31 IST

इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की जरूरत- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधुनिक प्रौद्योगिकी और ज्ञान के इस्तेमाल पर आधारित, आपदा के अनुकूल अवसंरचना विकसित करने की जरूरत रेखांकित करते हुए बुधवार को कहा कि इससे ना सिर्फ वर्तमान पीढ़ी को आपदा से बचाने में मदद मिलेगी बल्कि भावी पीढ़ी को भी सुरक्षित किया जा सकेगा।आपदा प्रबंधन अवसंरचना पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के चौथे संस्करण के उद्घाटन सत्र को वीडियो संदेश के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह एक साझा सपना और दृष्टि है, जिसे हम सच्चाई में बदल सकते हैं।’’मोदी ने कहा कि भविष्य को बेहतर बनाने के लिए ‘‘आपदा के अनुकूल अवसंरचना’’ बनाने की दिशा में काम करना होगा।उन्होंने कहा कि आपदा के अनुकूल अवसंरचना व्यापक अनुकूलन प्रयासों का केंद्र हो सकती है।प्रधानमंत्री ने कहा कि अवसंरचना का अर्थ सिर्फ पूंजीगत आस्तियों का निर्माण और दीर्घ अवधि के लिए निवेश या रिटर्न हासिल करना नहीं है और ना ही यह सिर्फ संख्या या धन के लिए है बल्कि यह जनता के लिए है।

उन्होंने कहा कि जनता को उच्च गुणवत्ता वाली और सतत सेवा प्रदान करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।मोदी ने कहा कि अवसंरचना विकास की किसी भी कहानी के केंद्र में जनता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत भी यही करने की कोशिश कर रहा है।शिक्षा, स्वास्थ्य, पीने का पानी, सफाई, बिजली और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं में वृद्धि के भारत के प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही भारत जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का भी सीधा मुकाबला कर रहा है।आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन, जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा और मेडागास्कर के राष्ट्रपति एंड्री निरिना राजेओलिना सहित अन्य कुछ हस्तियों ने भी इस सत्र को संबोधित किया।