एकाएक फिर क्यूं चर्चा केंद्र में है नाजीवाद, कैपिटल हिल हिंसा का साइड इफेक्ट

दुनिया
ललित राय
Updated Jan 15, 2021 | 20:06 IST

कैपिटल हिल हिंसा के बाद तमाम सोशल नेटवर्किंग साइट ने ट्रंप को प्रतिबंधित कर दिया है। इस कदम को ऑनलाइन लेखन क्षेत्र के दिग्गज ग्लेन बेक ने कहा कि यह तो ऐसे है जैसे अमेरिकी कंपनियां नाजियों के तरह काम कर रही हैं।

एकाएक फिर क्यूं चर्चा केंद्र में है नाजीवाद, अमेरिकी डिजिटल कंपनियों को इस शब्द से ऐतराज
कैपिटल हिल हिंसा का साइड इफेक्ट 

मुख्य बातें

  • कैपिटल हिल हिंसा के बाद दुनिया में डोनाल्ड ट्रंप के खातों को फेसबुक ट्विटर ने किया बैन
  • रिपब्लिकन समर्थक ग्लेन बेक ने नाजीवाद से तुलना की
  • यहुदियों के उत्पीड़न से तुलना करने पर यहुदी समाज भड़का

यहूदी समूहों ने ऑनलाइन ब्लास्टिंग लेखक और पंडित ग्लेन बेक को यह कहते हुए लोगों के साथ जोड़ा कि अमेरिकी तकनीकी कंपनियां ऐसा व्यवहार कर रही हैं जैसे नाजी जर्मनी ने यहूदियों के खिलाफ किया था। फॉक्स न्यूज पर टकर कार्लसन के बेक बिग टेक की हालिया कार्रवाइयों पर चर्चा कर रहे थे। ट्रम्प समर्थकों द्वारा यूएस कैपिटल के तूफान के मद्देनजर, ऐप्पल और Google ने अपने ऐप स्टोरों से रूढ़िवादियों के साथ लोकप्रिय एक सामाजिक नेटवर्क पारलर को हटा दिया, और अमेज़ॅन ने कंपनी को अपने सर्वर से काट दिया, जिससे पार्लर ऑफ़लाइन हो गया। ट्रंप को  फेसबुक और ट्विटर से प्रतिबंधित कर दिया था।

क्या कहा ग्लेन बेक ने
ट्रम्प समर्थकों द्वारा यूएस कैपिटल के तूफान के मद्देनजर, ऐप्पल और Google ने अपने ऐप स्टोर से रूढ़िवादियों के साथ लोकप्रिय एक सामाजिक नेटवर्क पारलर को हटा दिया। यही नहीं अमेज़ॅन ने कंपनी को अपने सर्वर से काट दिया, जिससे पारलर को ऑफ़लाइन होने के लिए मजबूर होना पड़ा। इन घटनाओं बाद बेक से ब्लेज़ जैसी रूढ़िवादी मीडिया कंपनियों के बारे में पूछा गया  जो अमेरिकी दिग्गज टेक कंपनियों के गुस्से का का सामना कर रही है। बेक ने इसे विश्व युद्ध दो के दौरान  जापानी अमेरिकियों के रिश्तों से जोड़ दिया वो कहते हैं कि हमने अपने नागरिकों को ले जाकर और उनके धन को जब्त करके यह पक्का कर दिया कि वो काम ना कर सकें। यही नहीं उन्हें शिविरो में में डालकर 20 वीं सदी की सबसे बड़ी गलती की। 

नाजीवाद की आती है याद
टकर ने कहा कि आज एक बार फिर उसी तरह के हालात बने हैं। वो सड़क फिर से हमारे सामने है। यह नाजी जर्मनी द्वारा यहूदियों के उत्पीड़न जैसा है। यदि आपके पास सार्थक स्थान पर खुद को अभिव्यक्त  करने की आजादी नहीं है तो तय मानिए कि आपके पास अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है। यह कुछ वैसे ही जैसे यहूदियों के साथ जर्मन पेश आते थे। वे उन्हें एक यहूदी बस्ती में डाल देते थे। खैर, यह डिजिटल यहूदी बस्ती है। आप अपनी इच्छा से सब बात कर सकते हैं। लेकिन अगर अभिव्यक्ति की आजदी के लिए कुछ खास सीमा निर्धारित की जाए तो उसका अर्थ नहीं है और वो सार्थक नही हैं। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी तुलना जर्मनों से नहीं करनी है।

यहुदी समाज को नागवार लगा बेक की टिप्पणी
बेक की टिप्पणी के तुरंत बाद यहुजी समूहों की तरफ से प्रतिक्रिया आई। अमेरिकी यहूदी समिति ने कहा कि इतिहास के सबसे काले अध्याय का निरंतर शस्त्रीकरण  आक्रामक है और प्रलय में नष्ट होने वाले छह मिलियन यहूदियों के लिए  संघर्ष की बुरी याद  है।
सीएनएन के जेक टाॅपर ने कहा  कि यह कुछ भी नहीं है कि नाजियों ने यहूदियों के साथ क्या किया और अगर आपको लगता है कि आप एक पूर्ण मोर्टन हैं।  

ग्लेन बेक ने दी सफाई
ट्विटर पर उपयोगकर्ताओं ने होलोकास्ट से कुछ ऐतिहासिक तस्वीरें पोस्ट करने के साथभयानक" तुलना के लिए रूढ़िवादी रेडियो होस्ट को निशाने पर ले लिया बेक ने अपने बचाव में कहा कि 'डिजिटल यहूदी बस्ती' और 'एल्गोरिथ्म यहूदी बस्ती' शब्द पहली बार 2018 में यहूदी इतिहासकार और खोजी पत्रकार एडविन ब्लैक द्वारा तैयार किए गए थे। ब्लैक ने बेक के शो पर कहा, "मैं चिंतित था - और मैं इससे भी अधिक चिंतित हूं - कि डिजिटल नियंत्रण के कुलीन वर्गों की गतिविधियां हमें डिजिटल यहूदी बस्ती में ले जाने की कोशिश कर रही हैं।"

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