नफरत की आग कब बुझेगी, इस्लामाबाद के मदरसा में शिक्षक ने फ्रेंच राष्ट्रपति के पुतले का सिर किया कलम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 31, 2020, 12:01 AM IST

इस्लामाबाद के देवबंदी मदरसा में एक महिला शिक्षक ने छात्रों के सामने फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रॉ के पुतले का गला काटा और कहा कि जो लोग पैगंबर मोहम्मद साहेब के अपमान में हिस्सा होंगे उनसे साथ ऐसा ही होगा।

नफरत की आग कब बुझेगी, इस्लामाबाद के मदरसा में शिक्षक ने फ्रेंच राष्ट्रपति के पुतले का सिर किया कलम

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में फ्रांस विरोधी प्रदर्शनकारियों ने पैगंबर मुहम्मद के कार्टून बनाने के अधिकार का बचाव करने के लिए उनके खिलाफ अपने गुस्से का प्रदर्शन करने के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के पुतले का सिर कलम करने के साथ उसे फूंका भी। हैरत की बात यह है कि उस शिक्षक ने मासूम बच्चों के सामने यह सब किया।  

पैगंबर का अपमान फ्रांस नहीं कर सकता
देवबंद के मौलवी अब्दुल अजीज गाजी की बेटी तैयबा दुआ गाजी को शोध संस्थान एसएएमआरआई ने यह कहा कि वो अपने पैगंबर के सम्मान का बदला लेंगे। हम पैगंबर की मंजूरी चाहते हैं, न कि एफएटीएफ व्हाइट लिस्ट। फ्रांस पैगंबर का अपमान नहीं कर सकता और पेरिस की शान बनाए रख सकता है। जैसी करनी वैसी भरनी।"



इस्लामाबाद में भी फ्रांस का विरोध

इस्लामाबाद में मुसलमानों ने भी इस्लाम के खिलाफ ईश निंदा के अधिकार का बचाव करने के लिए इमैनुअल मैक्रोन और फ्रांस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को इस्लामाबाद में फ्रांसीसी दूतावास तक मार्च करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों को फ्रांसीसी दूतावास तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस और डंडों का सहारा लेना पड़ा।

बता दें कि इस्लाम में ईश निंदा की सजा मौत की सजा को प्राथमिकता देने के रूप में होती है। इस प्रकार, इमैनुएल मैक्रोन के पुतले की छटनी विशेष रूप से भयावह महत्व को मानती है। पैगंबर मुहम्मद के कार्टून सरकारी इमारतों पर लगाए जाने के बाद इमैनुएल मैक्रॉन और फ्रांस के खिलाफ मुस्लिम दुनिया भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।

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