म्यांमार में सेना की 'बर्बर' कार्रवाई से नाराज अमेरिका, कई सरकारी प्रतिष्‍ठानों को कर दिया ब्लैकलिस्‍ट

म्‍यांमार में सैन्‍य तख्‍तापलट को एक महीने से अधिक वक्‍त बीत चुका है। इस बीच यहां लगातार लोग लोकतंत्र बहाली की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं।

म्यांमार में सेना की 'बर्बर' कार्रवाई से नाराज अमेरिका, कई सरकारी प्रतिष्‍ठानों को कर दिया ब्लैकलिस्‍ट
म्यांमार में सेना की 'बर्बर' कार्रवाई से नाराज अमेरिका, कई सरकारी प्रतिष्‍ठानों को कर दिया ब्लैकलिस्‍ट 

वाशिंगटन : म्‍यांमार में 1 फरवरी को हुए सैन्‍य तख्‍तापलट के बाद लोकतंत्र बहाली को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। सैन्‍य शासन उतनी ही तेजी के साथ इन प्रदर्शनों को कुचलने की कोशिशों में  लगा है और इसके लिए बल प्रयोग कर रहा है। सैन्‍य दमन में बुधवार को यहां 38 प्रदर्शनकारियों की जान चली गई। अमेरिका ने लोकतंत्र बहाली की मांग कर रहे लोगों के खिलाफ इस कार्रवाई को 'बर्बर' करार देत हुए म्‍यांमार की सेना, कई मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को ब्‍लैकलिस्‍ट कर दिया है।

अमेरिका के वाणिज्‍य विभाग ने म्‍यांमार की सेना, रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय सहित म्‍यांमार इकोनोमिक कॉरपोरेशन (MEC) और म्‍यांमार इकोनोमिक होल्डिंग्‍स पब्लिक कंपनी (MEHL) को ब्‍लैकलिस्‍ट करने की घोषणा की है। अमेरिका की इस घोषणा के बाद म्‍यांमार के इन प्रतिष्‍ठानों के साथ किसी भी तरह का आयात-निर्यात प्रतिबंधित होगा।

अब तक जा चुकी है 50 लोगों की जान

अमेरिकी वाणिज्‍य विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया हे कि अमेरिका म्‍यांमार के लोगों के साथ है और सेना द्वारा शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ हिंसक कार्रवाई की निंदा करता है।

म्‍यांमार में बुधवार को प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने की संयुक्‍त राष्‍ट्र ने भी निंदा की है और इसे 1 फरवरी को हुए तख्‍ता पलट के बाद सबसे 'खूनी दिन' करार दिया है। म्‍यांमार में सैन्‍य तख्‍तापलट के बाद अब तक 50 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्‍त राष्‍ट्र का कहना है कि यह म्‍यांमार का सिर्फ आंतरिक मसला नहीं है, क्‍योंकि यह क्षेत्र में अस्थिरता के लिए खतरनाक है।

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