सुरक्षा परिषद में कल होगी कोरोना पर चर्चा, अमेरिका को मिलेगी सफलता या चीन करेगा वीटो?

कोरोना वायरस पर चर्चा के लिए गुरुवार को सुरक्षा परिषद का विशेष सत्र बुलाया गया है। माना जा रहा है कि इसके जरिये अमेरिका चीन को वैश्विक मंच पर घेरने की कवायद में जुटा है। हालांकि चीन, रूस इस पर वीटो कर सकते हैं।

सुरक्षा परिषद में कल होगी कोरोना पर चर्चा, अमेरिका को मिलेगी सफलता या चीन करेगा वीटो?
सुरक्षा परिषद में कल होगी कोरोना पर चर्चा, अमेरिका को मिलेगी सफलता या चीन करेगा वीटो?  |  तस्वीर साभार: AP, File Image

संयुक्‍त राष्‍ट्र : ऐसे में जबकि कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है, संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद इस मुद्दे पर एक विशेष सत्र बुलाने जा रही है। यह इस वैश्विक महामारी के बीच इस संगठन की ओर से पहली इस तरह की बैठक है, जिसके कारण पूरी दुनिया में 79 हजार से अधिक लोगों की जा जा चुकी है, जबकि 13 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं। संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक गुरुवार को होगी, जिसमें दुनिया की महाशक्तियां टेली-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एक-दूसरे से जुड़ेंगी।

कल UNSC की बैठक

संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की यह बैठक गुरुवार, 9 अप्रैल को स्‍थानीय समयानुसार अपराह्न 3 बजे होगी, जब भारत में रात के 12:30 बज रहे होंगे और मध्‍यरात्रि होने के कारण तारीख 10 मार्च की हो जाएगी। संयुक्‍त राष्‍ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस कोरोना वायरस को लेकर संक्षित जानकारी सदस्‍य देशों के समक्ष रखेंगे, जिसके बाद इस विशेष सत्र की शुरुआत होगी और सदस्‍य देश इस वैश्विक महामारी पर चर्चा करेंगे, जिससे दुनिया के अधिकांश देश जूझ रहे हैं।

ट्रंप का ट्वीट

सुरक्षा परिषद का यह सत्र ऐसे समय में होने जा रहा है, जबकि अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप चीन और विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) को लेकर कई बार रोष जता चुके हैं। ट्रंप ने मंगलवार को भी एक ट्वीट कर कहा कि डब्‍ल्‍यूएचओ को हालांकि अमेरिका से सबसे अधिक अनुदान मिलता है, लेकिन इसका रूझान चीन की तरफ है। वह पहले भी डब्‍ल्‍यूएचओ पर इस तरह के आरोप लगा चुके हैं, जबकि चीन को लेकर यह भी कहा कि उसकी का खामियाजा आज दुनिया भुगत रही है।

चीन कर सकता है वीटो

ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि ट्रंप इस विशेष सत्र के जरिये चीन को वैश्विक मंच पर घेरने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि इस 'क्‍लोज डोर मीट‍िंग' में होने वाली चर्चा का कोई परिणाम निकलेगा या नहीं, यह काफी कुछ इस पर निर्भर करता है कि प्रस्‍ताव क्‍या आते हैं और चीन व रूस का रुख इस पर क्‍या होता है यानी वे 'वीटो पावर' का इस्‍तेमाल करते हैं या नहीं। चीन यह कहकर इस पर चर्चा को रोकने की कोशिश कर सकता है कि यह शांति व सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, जो सुरक्षा परिषद के अंतर्गत आता है।

कौन दे सकते हैं US का साथ

इससे पहले एस्‍टोनिया बीते महीने सुरक्षा परिषद में कोरोना पर चर्चा को बाधित कर चुका है कि यह शांति व सुरक्षा का मसला नहीं है। हालांकि संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में इस विषय पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने पर इसके सभी 10 अस्‍थाई सदस्‍यों ने भी सहमति जताई है, जिसकी अध्‍यक्षता UNSC के अध्‍यक्ष करेंगे। यह पद फिलहाल डोमिनिकन रिपब्लिक के पास है। सुरक्षा परिषद के तीन स्‍थाई सदस्‍यों अमेरिका, फ्रांस, बिटेन में भी भीषण तबाही मची हुई है।

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