10 बिंदुओं के जरिए समझें श्रीलंका में अब तक क्या हुआ, गुस्से की आग

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 10, 2022, 09:16 AM IST

श्रीलंका अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। पीएम महिंदा राजपक्षे इस्तीफा दे चुके हैं। लेकिन जिस तरह से उनके घर में आग लगाई गई और एक सांसद ने अपनी जान ले ली उससे हालात कितने खराब हैं अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।

10 बिंदुओं के जरिए समझें श्रीलंका में अब तक क्या हुआ, गुस्से की आग

एक कहावत है कि जब जनता हद से अधिक परेशान हो जाती है तो नजारा भयानक ही होता है। श्रीलंका इस समय जल रहा है। आर्थिक संकट की वजह से जो हालात पैदा हुए हैं वो डरावने हैं, श्रीलंका के पीएम महिंदा राजपक्षे अपना पद छोड़ चुके हैं, एक सांसद ने खुद को गोली मार ली। हिंसक झड़प में पांच लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग घायल हैं। इन सबके बीच श्रीलंका में एक बार फिर 11 मई तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। जनता अब राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के भी इस्तीफे की मांग कर रही है। 

  1. पीएम महिंदा राजपक्षे ने सोमवार को कहा था कि उन्होंने तुरंत प्रभाव से राष्ट्रपति अपना इस्तीफा सौंप दिया था। देश में जब लोग भावनाओं के ज्वार में हैं तो वो आम जनता से संयम बरतने और याद रखने का आग्रह करते हैं।हिंसा केवल हिंसा को जन्म देती है।आर्थिक संकट में हमें एक आर्थिक समाधान की आवश्यकता है, जिसे हल करने के लिए यह प्रशासन प्रतिबद्ध है।
  2. राजपक्षे के समर्थकों के प्रदर्शनों के लिए बाहर निकलने और सड़कों पर हिंसा के रूप में अराजकता की कई तस्वीरें सामने आईं। राजपक्षे बंधुओं के इस्तीफे की मांग को लेकर कोलंबो शहर में डेरा डाले हुए प्रदर्शनकारियों को भी निशाना बनाया गया।
  3.  श्रीलंका में लोग बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैें। दूध से लेकर ईंधन तक हर चीज का आयात गिर गया है।भोजन की भीषण कमी और बिजली कटौती बढ़ते संकट के दूसरे उदाहरण हैं। 
  4. "अमेरिकी विदेश विभाग ने एक ट्वीट में कहा  कि श्रीलंका में स्थिति की बारीकी से निगरानी की जा रही है।शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और निर्दोष दर्शकों के खिलाफ हिंसा से चिंतित हैं। सभी श्रीलंकाई लोगों से देश की आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों (एसआईसी) के दीर्घकालिक समाधान खोजने और सक्षम करने पर ध्यान देने का आग्रह किया हैय़ 
  5. हंबनटोटा में राजपक्षे परिवार के पैतृक घर में आग लगा दी गई।  स्थानीय रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने कोलंबो के टेंपल ट्रीज पड़ोस में प्रधान मंत्री के आवास पर भी धावा बोलने की कोशिश की थी।
  6. गोटाबाया राजपक्षे जो कभी संकट के लिए अंतरराष्ट्रीय कारकों को जिम्मेदार ठहराते थे, बताया जा रहा है मौजूदा हालाक में वो अलग-थलग हैं।
  7.  राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने एक बयान जारी कर संसद में सभी दलों को संकट से निकलने के लिए एकजुट राष्ट्रीय सरकार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया
  8. श्रीलंका पर अरबों का कर्ज है और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे लोगों के लिए अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।
  9.  विपक्ष के नेता साजिथ प्रेमदासा ने एक ट्वीट में कहा कि राज्य प्रायोजित हिंसा के खिलाफ खुद का बचाव करने में बहुत सक्षम हैं लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे अंदर करुणा भी है। आने वाली पीढ़ियां देख रही हैं कि हम अपने क्रोध को कैसे व्यक्त करना चुनते हैं। अहिंसा ही सच्चा और स्वीकार्य रास्ता है। 
  10. रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल श्रीलंका के शेयर दुनिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों में से एक रहे हैं।
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