अब Jalalabad पर भी Taliban का कब्जा, पूर्वी हिस्से से कटा Kabul, अमेरिकी दूतावास के नजदीक दिखा धुआं

दुनिया
एजेंसी
Updated Aug 15, 2021 | 13:18 IST

अफगानिस्‍तान में तालिबान का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। अब उसने जलालाबाद पर भी कब्‍जा कर लिया है, जिसके बाद देश की राजधानी काबुल पूर्वी हिस्‍से से कट गई है।

U.S. Chinook helicopter flies over the U.S. Embassy in Kabul
जलालाबाद पर तालिबान के कब्‍जे के बाद अमेरिका के हेलीकॉप्टर काबुल में अमेरिकी दूतावास पर उतरे  |  तस्वीर साभार: AP

मुख्य बातें

  • अफगानिस्‍तान में तालिबान हर तरफ से कब्जा करता जा रहा है
  • तालिबान ने अब जलालाबाद शहर पर भी कब्‍जा कर लिया है
  • यह पाकिस्तान से लगती एक प्रमुख बॉर्डर क्रॉसिंग के पास है

काबुल : दो दशक की लड़ाई के बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी और नाटों बलों की संपूर्ण वापसी से पहले तालिबान देश पर हर ओर से कब्जा करता जा रहा है, राजधानी काबुल तेजी से अलग-थलग पड़ती जा रही है और रविवार सुबह चरमपंथी संगठन ने जलालाबाद पर कब्जा कर लिया, जिसके कारण काबुल देश के पूर्वी हिस्से से कट गया है। जलालाबाद पर तालिबान के कब्जे के कुछ घंटे बाद रविवार को अमेरिकी दूतावास के नजदीक से धुआं निककलता देखा गया।

बताया जा रहा है कि जलालाबाद पर तालिबान के कब्‍जे के बाद अमेरिकी राजनयिक काबुल पहुंचे और वहां दूतावास में उन्‍होंने कुछ संवेदनशील दस्‍तावेजों को जला दिया। प्राप्‍त जानकारी के अनुसार, अमेरिका के हेलीकॉप्टर यहां अमेरिकी दूतावास पर उतरे। दूतावास के निकट राजनयिकों के बख्तरबंद एसयूवी वाहन निकलते दिखे और इनके साथ ही विमानों की लगातार आवाजाही भी देखी गई। हालांकि अमेरिका सरकार ने अभी इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं दी है।

काबुल से निकाले जा रहे लोग

दूतावास की छत के निकट धुएं उठता देखा गया जिसकी वजह अमेरिका के दो सैन्य अधिकारियों के मुताबिक राजनयिकों द्वारा संवेदनशील दस्तावेजों को जलाना है। एक ओर अमेरिका अपने दूतावासकर्मियों को निकालने के प्रयासों को तेज कर रहा है, वहीं दूसरी ओर हजारों आम लोग काबुल में उद्यानों और खुले स्थानों में शरण लिए हुए हैं। काबुल में रविवार को शांति रही लेकिन कई एटीएम से नगदी निकासी बंद हो गई, निजी बैंकों के बाहर सैकड़ों की तादाद में जमा लोग अपनी पूंजी निकालने की आस में एकत्र हुए।

Passengers walk to the departures terminal of Hamid Karzai International Airport in Kabul, Afghanistan, Saturday, Aug. 14, 2021. As a Taliban offensive encircles the Afghan capital, there's increasingly only one way out for those fleeing the war, and only one way in for U.S. troops sent to protect American diplomats still on the ground: the airport. (AP Photo/Rahmat Gul)

तालिबान ने रविवार सुबह कुछ तस्वीरें ऑनलाइन जारी कीं जिनमें उसके लोगों को नांगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद में गवर्नर के दफ्तर में देखा जा सकता है। प्रांत के सांसद अबरारुल्ला मुराद ने एसोसिएटिड प्रेस को बताया कि चरमपंथियों ने जलालाबाद पर कब्जा कर लिया है। काबुल के अलावा जलालाबाद ही ऐसा इकलौता प्रमुख शहर था जो तालिबान के कब्जे से बचा हुआ था। यह पाकिस्तान से लगती एक प्रमुख बॉर्डर क्रॉसिंग के निकट स्थित है।

 सरकार के प्रभाव में अब महज 7 प्रांत

अफगानिस्तान की केंद्रीय सरकार के अधिकार में देश की 34 प्रांतीय राजधानियों में से काबुल के अलावा सात अन्य प्रांतीय राजधानी ही बची हैं। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने शनिवार को कहा था कि वह 20 वर्षों की 'उपलब्धियों' को बेकार नहीं जाने देंगे। उन्होंने कहा कि तालिबान के हमले के बीच 'विचार-विमर्श' जारी है। उन्होंने शनिवार को टेलीविजन के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित किया। हाल के दिनों में तालिबान द्वारा प्रमुख क्षेत्रों पर कब्जा जमाए जाने के बाद से यह उनकी पहली सार्वजनिक टिप्पणी थी।

Taliban fighters sit on the back of a vehicle in the city of Herat, west of Kabul, Afghanistan, Saturday, Aug. 14, 2021, after they took this province from Afghan government. The Taliban seized two more provinces and approached the outskirts of Afghanistan’s capital. (AP Photo/Hamed Sarfarazi)

तालिबान ने पिछले सप्ताह में अफगानिस्तान के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था जिसके बाद अफगानिस्तान की केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ गया है। उधर, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा ने वहां मौजूद अपने राजनयिक स्टाफ की मदद के लिए सैनिकों को भेजा है। अफगानिस्तान के चौथे सबसे बड़े शहर मजार-ए-शरीफ पर शनिवार को चौतरफा हमलों के बाद तालिबान का कब्जा हो गया था और इसके साथ ही पूरे उत्तरी अफगानिस्तान पर चरमपंथियों का कब्जा हो गया।

'महिलाओं के लिए नहीं बचेगी कोई जगह'

दो क्षेत्रीय सैन्य प्रमुख अत्ता मोहम्मद नूर और अब्दुल राशिद दोस्तम शनिवार को उज्बेकिस्तान भाग गए। नूर ने ट्विटर पर लिखा कि उत्तरी क्षेत्र का तालिबान पर कब्जा होना एक साजिश है। देश की चुनिंदा महिला डिस्ट्रिक्ट गवर्नर में से एक सलीमा माजरी ने मजार-ए-शरीफ पर तालिबान का कब्जा होने से पहले वहां से शनिवार को कहा था, 'महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। प्रांतों पर तालिबान का कब्जा होने से वहां, शहरों में कोई महिला नहीं बचेगी। उनको उनके घरों के भीतर कैद कर दिया जाएगा।'

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