'जम्‍मू कश्‍मीर में सामान्‍य हो रहे हालात', मानवाधिकार पर बाइडन प्रशासन की रिपोर्ट, उइगर्स पर चीन को लताड़

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 31, 2021, 10:40 AM IST

मानवाधिकार पर बाइडन प्रशासन की पहली रिपोर्ट में जम्‍मू कश्‍मीर में हालात सुधरने की बात कही गई है तो उइगर मुसलमानों के खिलाफ चीन की ज्‍यादती की भर्त्‍सना की गई है।

'जम्‍मू कश्‍मीर में सामान्‍य हो रहे हालात', मानवाधिकार पर बाइडन प्रशासन की रिपोर्ट, उइगर्स पर चीन को लताड़
Photo Credit: AP, File Image

वाशिंगटन : जम्‍मू कश्‍मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्‍छेद 370 को निरस्‍त किए जाने के बाद वहां के हालात को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच बाइडन प्रशासन ने भारत, चीन सहित कई देशों में मानवाधिकार की स्थिति को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें जम्‍मू कश्‍मीर में हालात सामान्‍य बनाने के लिए भारत सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों का  है।

अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्‍मू कश्‍मीर में 'सामान्‍य हालात बहाल करने के लिए' भारत सरकार लगातार कदम उठा रही है। कई तरह की पाबंदियां धीरे-धीरे हटाई जा रही हैं। मानवाधिकार से संबंधित कई मसलों को लेकर हालांकि इसमें चिंता जताई गई है, लेकिन जम्‍मू कश्‍मीर को लेकर कहा गया है कि भारत सरकार यहां हालात सामान्‍य बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

चीन, रूस, सीरिया की आलोचना

यह अमेरिका में जो बाइडन के 20 जनवरी, 2021 को सत्‍ता में आने के बाद मानवाधिकार पर पहली अमेरिकी रिपोर्ट है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने मंगलवार को यह रिपोर्ट जारी की, जिसमें चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों के खिलाफ ज्‍यादती को लेकर चीन की आलोचना की गई है। यहां चीनी सरकार द्वारा उइगर्स के खिलाफ जनसंहार शब्‍द का इस्‍तेमाल किया गया है।

'2020 कंट्री रिपोर्ट्स ऑन ह्यूमन राइट्स प्रैक्टिसेज' नाम की इस रिपोर्ट में रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन की अगुवाई वाले प्रशासन के खिलाफ राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों व प्रदर्शनकारियों को कुचलने का आरोप लगाया गया है तो सीरिया की बशर अल-असद सरकार को अपने ही लोगों के दमन और उन पर अत्‍याचार के लिए दोषी ठहराया गया है।

अमेरिका पर क्‍या बोले विदेश मंत्री

बाइडन प्रशासन की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जबकि अमेरिकी समाज भी इसी तरह की कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकेन ने इस बारे में भी बात की है। उन्‍होंने कहा, 'हम जानते हैं कि घरेलू स्‍तर पर हमें कई मुद्दों पर काम करने की जरूरत है। इसमें नस्‍लवाद सहित समाज में कहीं गहरे व्‍याप्‍त विषमता भी है। हम ऐसा नहीं कहते कि ये समस्‍याएं यहां नहीं हैं और न ही हम इस पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं। हम इसकी उपेक्षा नहीं कर सकते।' उन्‍होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन इनसे पूरी पारदर्शिता के साथ निपटता है।
 

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