Ranil Wickremesinghe : श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री होंगे रानिल विक्रमसिंघे, आज ले सकते हैं शपथ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 12, 2022, 02:03 PM IST

Ranil Wickremesinghe : संकट के दौर से गुजर रहे श्रीलंका के रानिल विक्रमसिंघे नए प्रधानमंत्री होंगे। महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे के बाद पीएम का पद खाली है। पीएम पद पर उनके नाम पर सहमति बन गई है। विक्रमसिंघे को जल्द इस पद की शपथ दिलाई जाएगी। 

Ranil Wickremesinghe : श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री होंगे रानिल विक्रमसिंघे, आज ले सकते हैं शपथ
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Ranil Wickremesinghe : संकट के दौर से गुजर रहे श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे होंगे। महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे के बाद पीएम का पद खाली है। पीएम पद पर रानिल के नाम पर सहमति बन गई है। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि विक्रमसिंघे को आज ही इस पद के लिए शपथ दिलाई जाएगी। रानिल श्रीलंका के चार बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं। वह संसद में दोबार विपक्ष के नेता की भूमिका निभा चुके हैं। यूनाइटेड नेशनल पार्टी के नेता रानिल ने मंत्री पद का दायित्व भी संभाला है।

रानिल का नाम पीएम पद की रेस में सबसे आगे
पीएम पद से महिंदा का इस्तीफा होने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि राष्ट्रपति गोताबाया राजपक्षे शीघ्र ही नए पीएम के नाम की घोषणा करेंगे। पीएम पद की रेस में रानिल का नाम भी सबसे आगे चल रहा था। अभी इस पद पर राष्ट्रपति के भाई महिंदा राजपक्षे थे जिन्होंने गत सोमवार को इस्तीफा दे दिया। पीएम पद के लिए रानिल के नाम को सत्ता एवं विपक्ष के बीच एक सहमति के रूप में देखा जा रहा है। 

राष्ट्रपति गोताबाया ने कहा-नया पीएम बनाएंगे
एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'अंत समय में कोई अगर बदलाव नहीं होता है तो रानिल विक्रमसिंघे को पीएम पद की शपथ लेना तय है।' बुधवार को राष्ट्रपति गोताबाया ने टेलीविजन पर देश की जनता को संबोधित किया और कहा कि वह नई सरकार के गठन के लिए पार्टी नेताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति करेंगे और नए मंत्रिमंडल में कोई राजपक्षे नहीं होगा। बता दें कि श्रीलंका के मौजूदा संकट के लिए लोग राजपक्षे परिवार को कसूरवार ठहरा रहे हैं। 

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मुख्य विपक्षी पार्टी चाहती है कि गोताबाया भी इस्तीफा दें
गोताबाया ने कहा, 'मैं एक पीएम नियुक्त करूंगा जिसे संसद का समर्थन प्राप्त होगा और लोग उसमें भरोस जताएंगे।' श्रीलंका की मुख्य विपक्षी पार्टी नई सरकार के गठन पर राष्ट्रपति के प्रस्ताव पर तैयार नहीं है। मुख्य विपक्षी पार्टी एसजेबी राष्ट्रपति पद से गोताबाया का भी इस्तीफा चाहती है। हालांकि, समझा जाता है कि एसजेबी के करीब दर्जन भर सांसद रानिल के समर्थन में हैं। देश में रानिल की छवि एक सुधारवादी नेता के रूप में है। वह पीएम पद 1993 से 1994, 2001 से 2004, 2015 से 2018 और 2018 से 2019 तक रह चुके हैं। 

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