Kubhushan Jadhav Case: PAK कोर्ट में सुनवाई, भारत को मिला वकील नियुक्‍त करने का अतिरिक्‍त समय

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 6, 2021, 06:55 AM IST

इस्‍लामाबाद हाई कोर्ट ने कुलभूषण जाधव केस में सुनवाई करते हुए भारत को वकील नियुक्‍त करने के लिए अतिरिक्‍त समय दिया है। कुलभूषण जाधव को पाकिस्‍तान की सैन्‍य अदालत ने मौत की सजा सुनाई है।

Kubhushan Jadhav Case: PAK कोर्ट में सुनवाई, भारत को मिला वकील नियुक्‍त करने का अतिरिक्‍त समय
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इस्‍लामाबाद : पाकिस्तान की एक अदालत ने यहां की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में भारत को वकील नियुक्‍त करने का अतिरिक्‍त समय दिया है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को कुलभूषण जाधव के पक्ष को इस बात की अनुमति दी कि वह अपने लिए वकील रखने को अत‍िरिक्‍त समय ले सकते हैं। कोर्ट ने अधिकारियों से यह संदेश भारत को देने के लिए कहा कि वह कुलभूषण जाधव के लिए वकील रख सकता है।

इस्‍लामाबाद हाईकोर्ट में इस अहम मामले की सुनवाई हुई, जिस दौरान अटॉर्नी जनरल की ओर से बताया गया कि अदालत के 5 मई के आदेश के मुताबिक, कुलभूषण जाधव को वकील रखने के लिए एक और मौका दिए जाने के संबंध में भारत को संदेश दिया गया था, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। अटॉर्नी ने कुलभूषण जाधव तक काउंसलर एक्‍सेस की भारत की मांग के संदर्भ में कहा कि भारत चाहता है कि जाधव को एक वकील दिया जाए जो बंद कमरे में अकेले उनसे बातचीत करे, लेकिन यह संभव नहीं है। कुलभूषण जाधव की भारतीय काउंसलर से अकेले में बातचीत करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

इस्‍लामाबाद हाईकोर्ट का आदेश

पाकिस्तानी अटॉर्नी जनरल की दलीलें सुनने के बाद इस्‍लामाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कुलभूषण जाधव और भारत सरकार को एक फिर से यह संदेश दिया जाए कि वे कैदी के लिए वकली रख सकते हैं। उन्हें एक मौका और देना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि भारत को अगर इस मामले में कुछ कहना है तो वे यहां कहें या फिर इस्‍लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास में किसी को बताएं, ताकि मामले का निपटारा किया जा सके। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की सुनवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी।

यहां उल्‍लेखनीय है कि पाकिस्‍तान की एक सैन्‍य अदालत ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को जासूसी और विध्‍वंसक गतिविधियों में संलिप्‍तता को लेकर मौत की सजा सुनाई है। हालांकि का कहना है कि कुलभूषण जाधव को धोखे से गिरफ्तार किया गया है और वह कारोबार से जुड़े रहे हैं। उनके परिवार ने भी जासूसी में उनकी संलिप्‍तता से इनकार किया है।

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